जिला चिकित्सालय के पीछे बन रही बिल्डिंग अब मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी बनेगी

जी-5 भवन में 150 बेड के अस्पताल की थी योजना
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिला चिकित्सालय के पुराने भवन के पीछे कर्मचारियों के निवास व खुले स्थान हटाकर यहां 150 बेड का अस्पताल भवन प्रस्तावित था। काम भी शुरू हो चुका था। अब इसे मेडिकल कॉलेज निर्माण में जोड़ा जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की घोषणा किए जाने के पूर्व जिला चिकित्सालय के ठीक पीछे कर्मचारियों के निवास, ऑफिस और खुले परिसर को मर्ज करते हुए 150 बेड का अस्पताल बनाए जाने की स्वीकृति दी थी। मकान और ऑफिस तोडऩे के बाद शासन स्तर पर उक्त निर्माण का टेंडर हुआ। ठेकेदार द्वारा यहां काम भी शुरू कर दिया गया था। यहां अभी खुदाई के बाद नींव डालने का काम चल ही रहा था कि शासन द्वारा शहर में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई। जिसके लिए जिला चिकित्सालय परिसर, सख्याराजे प्रसूतिगृह की जमीन का चयन भी हुआ। ऐसे में ठेकेदार द्वारा पूर्व से चल रहे निर्माण कार्य को होल्ड पर रख दिया है।
शासन स्तर पर ड्राइंग, डिजाइन
डॉ. पटेल ने बताया कि स्थान चयन के साथ ही शासन स्तर पर मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज निर्माण की ड्राइंग, डिजाइन तैयार हुई है। इसके अंतर्गत सख्याराजे प्रसूतिगृह की जमीन पर होस्टल, गार्डन आदि निर्माण होना है। जिला चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग को तोडक़र यहां 550 बेड का अस्पताल निर्मित होगा। सख्याराजे अस्पताल से जिला चिकित्सालय के बीच आगर रोड़ पर लोगों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है।
लायब्रेरी के अलावा अन्य विभाग भी बनेंगे
करोड़ों रुपए की लागत से जिला चिकित्सालय के पीछे बन रहे जी-5 भवन में मेडिकल कॉलेज की लायब्रेरी बनाने का निर्णय हो चुका है। मेडिकल कॉलेज भवन बनाने वाले ठेकेदार ने उसी के अनुसार ड्राइंग तैयार किया है।
इस भवन में भूतल में दो मंजिल रहेगी और शेष ग्राउण्ड फ्लोर से ऊपर निर्माण होगा। लायब्रेरी के अलावा यहां अन्य विभाग भी शिफ्ट किए जा सकते हैं।
अब जिला चिकित्सालय भवन टूटना शुरू होगा
मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के लिए पूर्व से निर्मित भवन, ऑफिस, विभागों को तोडऩे का टेंडर शासन स्तर पर हो चुका है। ठेकेदार ने सख्याराजे प्रसूतिगृह के सभी भवनों को तोड़ दिया गया है। यहां से मलबा हटाकर जमीन का समतलीकरण हो रहा है। ठेकेदार द्वारा अब तक जिला चिकित्सालय परिसर के भवन, ऑफिस व अन्य भवनों को तोडऩे का काम शुरू नहीं किया है। गुरूवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन किए जाने के बाद ठेकेदार द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर के भवनों को तोडऩे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।









