सावन की पहली सुबह कम भीड़ रही, तडक़े 3 बजे जागे महाकाल, निर्माण कार्य अधूरे होने के कारण परिसर बंद

वडोदरा के चितंन और उज्जैन के भातखंडे सजायेंगे श्रावण महोत्सव की पहली शाम
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उज्जैन। शिव आराधना का पवित्र सावन माह शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है। सावन के पहले दिन सुबह से श्री महाकालेश्वर मंदिर में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। हालांकि मंदिर समिति ने मंदिर में हर पाइंट पर पहले दिन से ही व्यवस्थाएं बदल कर कर्मचारियों को मुस्तैद कर दिया था। श्रावण महोत्सव का पहला आयोजन शनिवार शाम को त्रिवेणी संग्रहालय मेें होगा। जिसमें वडोदरा के चिंतन उपाध्याय का शास्त्रीय गायन, उज्जैन के पं. विष्णुनारायण भातखंडे का ताल वाद्य कचहरी और कार्तिक कला अकादमी इंदौर के कलाकारों का समूह नृत्य होगा।
शुक्रवार सुबह भगवान महाकाल सुबह 3 बजे जागे। परंपरानुसार भगवान महाकाल के विशेष गण वीरभद्र भैरव की अनुमति लेकर पंडे-पुजारियों ने 3 बजे मंदिर के पट खोले। इसके बाद भस्मारती हुई। अपेक्षाकृत सावन की पहली सुबह भीड़ आम दिनों की तरह रही है। माना जा रहा है कि शनिवार से दर्शनार्थियों की भीड़ तेजी से बढ़ेगी।
कावड़ यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
श्री महाकाल मंदिर में काफी संख्या में कावड़ यात्री आते हैं। देशभर से करीब 120 से अधिक कावड़ यात्राएं मंदिर आती हैं। इन लोगों के लिए मंदिर समिति ने गेट नंबर 4 से प्रवेश की व्यवस्था की है। पूर्व सूचना व अनुमति लेकर आए कावड़ यात्री गेट नंबर 4 से प्रवेश कर सभामंडप में लगे पात्र से जलाभिषेक करेंगे और वहीं से आगे बढक़र गणेश मंडप के बैरिकेड्स से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। मंदिर समिति के पास गुरुवार तक करीब 40 से अधिक कावड़ यात्रा संगठन के आवेदन आ चुके हैं। यह आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार लिए जा रहे हैं।
जलाभिषेक के लिए पात्र लगाए
सावन में शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व रहता है। इस कारण महाकाल मंदिर में सभामंडप और कार्तिक मंडप में जलपात्र लगाए गए हैं। पात्र मेें अर्पित जल पाइप लाइन के जरिए भगवान महाकाल तक पहुंचकर अभिषेक करेगा।
मंदिर के प्रमुख पाइंट्स पर लगाई जिम्मेदारों की ड्यूटी
सावन के लिए मंदिर समिति ने शुक्रवार से व्यवस्थाएं बदली है। मंदिर में भस्मारती प्रभारी आशीष दुबे को बनाया है। वहीं भस्मारती अनुमति काउंटर पर राजेंद्र कौशल, रेखा चौहान, ज्योति पोद्दार, भगवान परमार, दिनेश बैंडवाल, परिवेश जूनवाल और अमित चंद्रावत को तैनात किया है।
प्रोटोकाल व्यवस्था सुबह 5 से दोपहर 2 बजे तक सौरभ ओझा, सावन प्रजापत, रवि धकिते, वीरबहादुरङ्क्षसह, पवन शर्मा देखेंगे। जबकि २ बजे बाद संजीव श्रीवास्तव, अखिल खंडेलवाल, रामचंद्र परमार, कुलदीप पंवार और संजय कदम को सौंपी गई है।
गर्भगृह और नंदी मंडप प्रभारी-कमल जोशी-राजू मालवीय, विजय सिंह डोडिया, वीरेंद्र परमार, जितेंद्र सिंह पंवार-शुभम गौड़ सुबह दो से रात 11 बजे के लिए अलग अलग शिफ्ट में बनाए गए हैं।










