जैसलमेर में पत्नी बन कर रही थी मजदूरी पुलिस ने पकड़ा
उज्जैन। एक माह पहले ग्राम हताई से किशोरी लापता हो गई। उसके परिजन ने बिरलाग्राम थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराते हुए समाज के युवक पर आशंका जताई। पुलिस ने उसे जैसलमेर से युवक के साथ बरामद किया। किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर युवक को जेल भेज दिया। प्रभारी टीआई जितेन्द्र पाटीदार ने बताया कि ग्राम हताई में रहने वाली किशोरी एक माह पहले घर पर बिना बताए कहीं चली गई थी।
उसके परिजन ने आसपास व रिश्तेदारी में तलाश करने के बाद थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई व ग्राम खेड़ावदा थाना खाचरौद में रहने वाले शंकर पर शंका जाहिर की थी। पुलिस ने किशोरी के साथ युवक की तलाश भी शुरू की।
युवक जैसलमेर में करता था मजदूरी: पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू की और जिस युवक पर परिजन ने शंका जाहिर की थी उसकी जानकारी एकत्र की जिसमें पता चला कि युवक जैसलमेर में मजदूरी मजदूरी करता था। वह घर पर नहीं मिला। इस पर पुलिस टीम जैसलमेर पहुंची जहां किशोरी और युवक एक टापरी में मिले। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बिरलाग्राम थाने लाए।
मांग भरी और पति-पत्नी की तरह रहने लगे
दोनों को थाने लाकर पुलिस ने पूछताछ की तो युवक ने बताया कि हमने मंदिर में मांग भरकर शादी कर ली थी और पति पत्नी की तरह साथ रहने लगे थे। एक ही समाज के होने के कारण हमारा परिचय रिश्तेदारी में हुआ था तभी से एक दूसरे को पसंद करते थे। जैसलमेर में शादी करने के बाद शंकर चंद्रवंशी मजदूरी करने जाता था और किशोरी मजदूरों की टापरी के पास बनी अपनी टापरी में खाना बनाती थी। पुलिस ने किशोरी को परिजन के सुपुर्द कर दिया जबकि शंकर के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, पास्को एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेजा है।