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नाबालिग दुल्हन के साथ दूल्हा बैठा स्टेज पर

पुलिस ने मैैरिज गार्डन जाकर शादी रुकवाई, परिजनों ने नहीं करवाए फेरे

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मंगलवार रात नृसिंहघाट के पास स्थित रघुकुल गार्डन में विवाह समारोह चल रहा था। दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर बैठे थे। बाराती डीजे पर नाच रहे थे। परिवार और रिश्तेदार भोजन कर रहे थे तभी किसी ने महाकाल थाना पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस अपने साथ महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ पहुंची। दूल्हा-दुल्हन के परिजनों को समझाइश दी और शादी रुकवा दी।

महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर एहमद सिद्दीकी ने बताया कि मंगलवार रात महाकाल थाने से सूचना मिली थी कि रघुकुल गार्डन में शादी समारोह चल रहा है। दुल्हन नाबालिग है। परिजनों द्वारा बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलने पर विभाग की टीम को महाकाल थाना पुलिस के साथ रघुकुल गार्डन रवाना किया। टीम में शामिल संतोष पंवार ने बताया कि स्टेज पर बैठे दूल्हा-दुल्हन के परिजनों से उम्र संबंधी डाक्यूमेंट्स मांगे। इस पर दुल्हन के माता पिता इस बात से सहमत हो गए कि बेटी की उम्र 18 वर्ष होने में 3-4 माह काम हैं। उन्हें बाल विवाह नहीं करने की समझाइश दी गई।

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बिना दुल्हन के लौटी बारात

लडक़ी पक्ष जयसिंहपुरा का रहने वाला था। बारात नागदा से आई थी। बारात में शामिल लोग बैंड बाजों के साथ नाचते गाते गार्डन तक पहुंचे थे। वरमाला कार्यक्रम के बाद दूल्हा-दुल्हन को स्टेज पर बैठाया गया था। यहां भी डीजे साउंड पर डांस चल रहा था। दूसरी तरफ लोग भोजन कर रहे थे। जब पुलिस और महिला बाल विकास विभाग की टीम गार्डन पहुंची तो कुछ लोगों ने शादी रोकने से इंकार किया। हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद वे लोग मान गए। रिसेप्शन के बाद दूल्हा बारात के साथ लौट गया।

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फेरे होते तो करना पड़ती एफआईआर

सिद्दीकी ने बताया कि गार्डन में शादी की प्रोसेस चल रही थी। दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर बैठे थे। इसके बाद रात में फेरे होने वाले थे। यदि फेरे हो जाते तो बाल विवाह का केस थाने में दर्ज कराना पड़ता। दोनों पक्षों को समझाइश दी तो वे मान गए और शादी कार्यक्रम रद्द कर दिया।

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