फर्जी अंकसूची लगाकर 14 साल आरक्षक की नौकरी करने वाला अब हुआ बर्खास्त

विभागीय जांच के बाद एसपी ने की कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एक युवक ने 10वीं की फर्जी अंकसूची लगाकर आरक्षक की नौकरी प्राप्त कर ली। वह कई थानों में पदस्थ रहकर ड्यूटी करता रहा। 9 वर्ष पहले उसके द्वारा किए गए फ्रॉड की शिकायत पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची तो जांच शुरू हुई। अब आरक्षक को नौकरी से हटाने के साथ ही उसके खिलाफ माधव नगर थाने में धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक अजहरूद्दीन पिता शफीउद्दीन वर्ष 2010 में पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हुआ था। उज्जैन पोस्टिंग के दौरान अजहरूद्दीन कोतवाली, खाराकुआं सहित अन्य थानों में पदस्थ रहा। करीब 6 वर्ष तक आरक्षक की ड्यूटी करने के बाद उसे भरोसा हो गया कि उसके द्वारा किए गए फ्रॉड को अब कोई पकड़ नहीं पाएगा।
पिछले माह हुआ नौकरी से बर्खास्त
विभागीय जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के पास पहुंची थी। उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर अजहरूद्दीन को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। साथ ही माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती को आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का पत्र लिखा था।
वेतन रिकवरी कोर्ट निर्धारित करेगा
आरक्षक ने करीब 14 वर्ष पुलिस की नौकरी में रहने के दौरान वेतन प्राप्त किया। उसका पीएफ सहित अन्य जमा भी विभाग के पास है। टीआई भारती ने बताया कि अजहरूद्दीन के खिलाफ धारा 420 का केस दर्ज किया गया है। नौकरी के दौरान उसके द्वारा प्राप्त किए गए वेतन व अन्य मद की रिकवरी का निर्णय कोर्ट द्वारा लिया जाएगा।
2016 में एसपी को शिकायत
अजहरूद्दीन की वर्ष 2016 में पुलिस अधीक्षक के पास एक शिकायत पहुंची। शिकायत में उल्लेख था कि उसके द्वारा आरक्षक पद के लिए प्रस्तुत किए गए डक्यूमेंट्स में से 10 वीं की अंकसूची फर्जी है। तत्कालिन पुलिस अधीक्षक ने शिकायत को गंभीरता से लिया। विभागीय जांच शुरू कराई।









