दो माह से बंद था सिस्टम, जवानों ने राशि जुटाकर ठीक करवाया

महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालुओं के साथ हुई डूबने की घटना के बाद रामघाट पर फिर शुरू हुआ अनाउंसमेंट

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाराष्ट्र की तीन महिला श्रद्धालुओं के साथ बुधवार सुबह रामघाट स्थित आरती स्थल पर हुई डूबने की घटना के बाद गुरुवार को पिछले दो माह से बंद सिस्टम ठीक हो गया। घाट पर तैनात होमगार्ड और एसडीईआरएफ जवानों ने चंदा इकट्ठा कर सिस्टम को ठीक करवाया, जबकि इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की है। जिसके बाद घाट पर फिर से सुरक्षा संबंधी संदेश गूंजने लगे।
रामघाट पर तैनात होमगार्ड के तैराक प्रभारी ईश्वरलाल चौधरी ने बताया कि स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राणोजी की छत्री से होने वाला अनाउंसमेंट माइक सिस्टम खराब होने के चलते पिछले दो माह से बंद था। इस संबंध में कई बार नगर निगम को शिकायत की और घाट पर सफाई के लिए तैनात दरोगा को भी बताया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। इसके चलते अनाउंसमेंट नहीं हो पा रहा था। इसी का परिणाम रहा कि बुधवार को करीब 15 लोगों के ग्रुप के साथ आई महाराष्ट्र के भारूड़ की रहने वाले तीन महिला श्रद्धालु नहाने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। गनीमत रही कि उनकी चीख-पुकार सुनकर वहां तैनात ईश्वर चौधरी, आशीष चौहान, सुरेश सोलंकी, सन्नी परमार पहुंचे और तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जरा सी देर होती तो हादसा बड़ा हो सकता था।
घटना के बाद किया चंदा
चौधरी ने बताया कि इस घटना के बाद रामघाट चौकी पर तैनात एसडीईआरएफ और होमगार्ड के जवानों ने और श्रद्धालुओं के साथ ऐसा ना हो इसके लिए मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने खुद के पास से चंदा इकट्ठा करने की ठानी। इस दौरान किसी जवान ने 100 तो किसी ने 200 रुपए का चंदा देकर 2200 रुपए जमा किए और माइक सिस्टम को दुरुस्त करवाया। इसी के चलते गुरुवार सुबह से फिर से रामघाट पर सुरक्षा संबंधी अनाउंसमेंट शुरु हुआ।









