3 साल से बन रही कृषि अध्ययनशाला की बिल्डिंग का काम अब भी अधूरा

17 करोड़ की बिल्डिंग में होगी 24 क्लास रूम और 8 लैब, जनवरी 2025 से लगना थी क्लासेस

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कृषि अध्ययनशाला के विद्यार्थियों को अपनी बिल्डिंग अब तक नहीं मिल पाई है। 17 करोड़ रुपए की लागत से सांख्यिकी अध्ययनशाला के समीप नई बिल्डिंग आकार ले रही है लेकिन इसका काम तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका है। इसमें 24 क्लास रूम, 8 लैब के अलावा सुसज्जित ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंंस हॉल भी होगा।
भविष्य में यहां किसानों को ट्रेनिंग देने की बात भी कही जा रही है।
दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2020-21 से एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की शुरुआत हुई। वर्तमान में कृषि अध्ययनशाला में करीब 1200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। मप्र के किसी भी विश्वविद्यालय के कृषि डिपार्टमेंट में इतने विद्यार्थी नहीं हैं। यहां बीएससी कृषि के साथ 6 अन्य विषयों में एमएससी की कक्षाएं चल रही हैं। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की स्वयं की बिल्डिंग नहीं होने से इसका ऑफिस लंबे समय से सांख्यिकी अध्ययनशाला में संचालित हो रहा, जबकि कक्षाएं फिजिक्स डिपार्टमेंट में लग रही हैं।
3 साल से चल रहा काम
कृषि अध्ययनशाला की बिल्डिंग का काम वर्ष 2023 में शुरू हुआ था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में फिनिशिंग काम चल रहा है लेकिन सूत्र बताते हैं कि बिल्डिंग को पूरा होने में अभी भी काफी समय लगेगा। फिलहाल रंग-पुताई के साथ अन्य काम किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2026 में विद्यार्थियों को अपनी नई बिल्डिंग मिल जाए।
17 बीघा की प्रायोगिक फील्ड
सबसे ज्यादा राशि कृषि लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने में खर्च की गई है। इसी के तहत १७ बीघा की प्रायोगिक फील्ड तैयार की गई है जिस पर विद्यार्थी प्रैक्टिकल कर रहे हैं।
इनका कहना
बिल्डिंग का काफी कुछ काम हो चुका है। वर्तमान में फिनिशिंग और रंगाई-पुताई का काम चल रहा है जो संभवत: एक माह में खत्म हो जाएगा।
– राजेश टेलर
एचओडी, कृषि अध्ययनशाला, सम्राट विक्रमादित्य विवि









