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मध्यप्रदेश में होगा परिसीमन, बदल जाएगा जिलों का नक्शा

मध्य प्रदेश के राज्यों में जिलों, तहसीलों और संभागों में नए सिरे से बदलाव करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए राज्य में नए परिसीमन आयोग का गठन भी कर दिया गया है. नए गठित किए गए इस परिसीमन आयोग में तीन सदस्यों को शामिल किया गया है, जो नए सिरे से राज्य के जिलों, तहसीलों और संभागों में परिवर्तन किए जाएंगे.

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “जब हमने सरकार बनाई तो इस बात पर ध्यान दिया कि भौगोलिक दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य होने के नाते मध्य प्रदेश का अपना क्षेत्रफल तो है लेकिन समय के साथ इसमें कुछ कठिनाइयां भी आई हैं. जिले तो बढ़ गए, लेकिन जिलों की अपनी सीमाएं हैं, कई विसंगतियां हैं, कई संभाग बहुत छोटे हो गए हैं. ऐसी कई विसंगतियों के लिए हमने नया परिसीमन आयोग बनाया है.”मुख्यमंत्री ने कहा है कि “नए परिसीमन आयोग के जरिए आस-पास के स्थानों को और जिलों से जोड़कर लोगों की बेहतरी के लिए काम किया जाएगा.

संभागों और जिलों का फिर से निरीक्षण किया जाएगा. सागर, इंदौर, धार ऐसे जिले हैं, जिनमें बड़ी कठिनाइयां हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि इस आयोग के माध्यम से जहां भी दिक्कतें हैं उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी.”उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया है और कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश की बेहतरी के लिए काम करती रहेगी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने परिसीमन आयोग का गठन किया है जिसके माध्यम से विसंगतियों को दूर करने का काम करेंगे. बीना में रिफाइनरी बन गई, यह बड़ा स्थान हो गया। आने वाले समय में यहां युक्तिकरण के माध्यम से विचार किया जाएगा. परिसीमन आयोग के लिए अपर मुख्य सचिव के तौर पर काम कर चुके अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.

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