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अवैध कॉलोनी काटने वालों की अब खैर नहीं

नगरीय प्रशासन मंत्री का ऐलान बिल्डर कॉलोनाइजर का लाइसेंस होगा सस्पेंड

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:बेशकीमती सरकारी जमीन और निजी जमीन पर नियम विरुद्ध अवैध कॉलोनी काटने वालों की अब खैर नहीं। सरकार का मानना है कि अवैध तरीके से कॉलोनी बनाने से सरकार और जनता का नुकसान हुआ है। ऐसे में इन्हें वैध करना न्याय संगत नहीं है। अब बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनी का सर्वे शुरू किया जाएगा।

 

बता दें कि नगर निगम उज्जैन के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में लगभग १२५ अवैध कॉलोनिया है और पूर्व में कई मर्तबा इन कॉलोनियों को वैध करने के साथ अनेक कॉलोनियों पर कार्रवाई की कवायद भी हुई है,लेकिन अब सरकार के अगले कदम से इन कॉलोनियों पर संकट के बादल मंडराने लगे है।

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प्रदेश में अब अवैध कॉलोनी बनाने वाले बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी लाइसेंस सस्पेंड के साथ एफआईआर जैसी कार्रवाई भी की जाएगी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनियों से संंबंधित जो नियम राज्य शासन ने बनाए हैं उन्हें सख्ती से लागू करवाया जाएगा बता दें कि शुक्रवार को नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और महापौर की बैठक ली थी और अवैध कॉलोनियों को लेकर सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है बैठक में नगरी विकास और आवास के प्रमुख सचिव और आयुक्त भी मौजूद थे।

मंत्री विजयवर्गीय ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में कहीं भी कॉलोनी बन रही है तो बगैर नियम कायदे के इसे बनाने वाले बिल्डरों और कॉलोनाइजरों के लाइसेंस सस्पेंड किये जाएंगे और अवैध कॉलोनी के नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी उन्होंने कहा कि एक ऐसी मॉनिटरिंग टीम भी बनाई जाएगी जो ऐसी कॉलोनी पर निगरानी रखेगी।

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विजयवर्गीय का लोगों से कहना है कि वे ऐसी कॉलोनियों में घर या प्लॉट खरीदने से बचें जहां बिल्डर ने कोई सुविधा नहीं दी है लोगों को कॉलोनी की परमिशन के बारे में जानकारी लेना चाहिए बगैर सुविधा वाली कॉलोनी में लोग घर क्यों बनाते हैं ऐसी कॉलोनी में फिर लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होते हैं बिल्डर सरकार के साथ लोगों को भी चूना लगाते हैं अब ऐसे बिल्डरों के खिलाफ शासन सख्ती से निपटेगा वहीं लोग भी सतर्क रहें और अवैध कॉलोनियों में घर नहीं बनाएं ऐसे कई बिल्डर टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग समेत नगर निगम से बगैर परमिशन के कॉलोनी बना लेते हैं ऐसे कॉलोनाइजरों के लिए एक मॉनिटरिंग टीम भी तैयार की जा रही है।

अवैध कॉलोनियों में समस्याओं का अंबार

प्रदेश के हर जिले में एक-दो नहीं कई अवैध कॉलोनियां बनी हुईं हैं बिल्डर ने कॉलोनी काटी और प्लॉट बेच दिए कुछ समय बाद लोगों ने मकान बनाना शुरू कर दिए और धीरे-धीरे बगैर सुविधाओं के ही लोगों ने वहां रहना शुरू कर दिया इसके बाद यही लोग कॉलोनी में बिजली,पानी,सड़क,स्ट्रीट लाइट,पार्क जैसी सभी सुविधाओं की मांग करने लगते हैं और शासन और प्रशासन के लिए परेशानी होती है जबकि ये सभी सुविधाएं कॉलोनी बनाने के पहले बिल्डर या कॉलोनाइजर को उपलब्ध कराना है लेकिन वह अपना मुनाफा कमाकर ऐसी ही किसी दूसरी कॉलोनी बनाने में लग जाता है जब लोगों को परेशानी होती है तो सरकार पर दबाव बनाते हैं राजधानी के आसपास ऐसी कई अवैध कॉलोनियां हैं।

एमपी सरकार ला सकती है नया कानून

हाल ही में विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने अवैध कॉलोनियों में सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया था जिस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा था कि अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं किया जा रहा बल्कि अवैध कॉलोनी में रह रहे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सके इसके लिए प्रयास किया जा रहे हैं .

सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियां विकसित न हो लेकिन प्रदेश में एक नेक्सस कम कर रहा है प्रदेश के बड़े शहरों में अवैध कॉलोनी एक बड़ी समस्या है मुख्यमंत्री भी इसको लेकर गंभीर हैं और उन्होंने इस संबंध में कड़े नियम बनाने के लिए कहा है। जल्द ही इसे लेकर नया कानून भी लाया जा सकता है।

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