उज्जैन: निगम के स्विमिंग पूल में हो सकेंगी पूल पार्टियां

By AV NEWS 1

भीषण गर्मी के दिनों में मुफ्त में नहाने वालों की बढ़ी संख्या

मेंटेनेंस में उठाना पड़ रहा घाटा…

अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:नगर निगम द्वारा संचालित स्विमिंग पूल में इस बार एक माह में ही सात लाख रुपए की आय हो गई है, लेकिन दो माह बाद पूल बंद होने से निगम को मेंटेनेंस पर खर्चा अधिक होने से यह घाटे का सौदा बन जाता है। अगले माह से पूल को ठेके पर देने की तैयारी चल रही है, जिससे कि निगम के लिए यह कमाऊपूत बन सके। ठेकेदार कंपनी पूल पार्टी भी आयोजित कर सकेगी। इसके अलावा पूरे साल पूल पर गतिविधियां हो सकेंगी।

रविवार को महापौर मुकेश टटवाल ने आगर रोड पर निगम मुख्यालय परिसर के पास बने स्वीमिंग पूल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बताया पूल से एक माह में सात लाख रुपए की आय हुई है, लेकिन मेंटेनेंस ठीक से नहीं हो पा रहा। कुछ शॉवर बंद मिले और लाइनें भी खराब मिलीं। एक साल में पूल के मेंटेनेंस पर करीब 24 लाख रुपए का खर्च आता है। जबकि निगम केवल गर्मी के दो माह ही पूल संचालित कर पाता है। इससे अच्छी आय होने के बाद भी निगम को घाटा ही उठाना पड़ता है।

25 जून तक निजी हाथ में जा सकता पूल

सूत्रों के अनुसार निगम ने पूल को ठेके पर देने की पूरी तैयारी कर ली है। 20 से 25 जून तक इसे निजी कंपनी को हैंडओवर करने के आदेश जारी होने की संभावना है। निगम ने कंपनी को पूरे साल पूल संचालित करने के साथ ही पूल पार्टी आयोजित करने के अधिकार भी देने का प्रावधान किया है।

निरीक्षण में एमआईसी सदस्य रजत मेहता, शिवेंद्र तिवारी और पार्षद दिलीप परमार मौजूद थे। दरअसल, महापौर के पास शिकायत पहुंची थी कि पूल में 1100 रुपए का शुल्क लिया जा रहा, लेकिन इसका मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा और कई लोग मुफ्त में नहा रहे।

मुफ्त में स्वीमिंग करने वाले बढ़े!

निगम के पूल में नेतागिरी का रौब झाड़कर नहाने वालों की संख्या बढ़ गई है। महापौर के निरीक्षण के दौरान भी इसका खुलासा हुआ। निगम के ही कई कर्मचारी बिना रसीद कटाए पूल में नहा रहे। एक ने सीएम प्रतिनिधि का करीबी बताकर पूल में प्रवेश किया। पार्षदों के नाम से भी लोग गर्मी के दिनों में पूल में नहाने का लुत्फ ले रहे। इस कारण प्रवेश को लेकर कर्मचारियों और रौब झाडऩे वालों में आए दिन विवाद हो रहे। इससे बचने के लिए पूल को ठेके पर देने की तैयारी कर ली गई है। आचार संहिता खत्म होते ही टेंडर की टेक्निकल और फाइनेंशियल बीड खोली जाएगी और जून अंत तक पूल निजी हाथों में सौंपा जा सकता है।

पूल के निरीक्षण में कई खामियां मिली

पूल के निरीक्षण में कई खामियां मिली हैं। नहाने वालों से शुल्क ले रहे हैं तो मेंटेनेंस करना भी हमारी जिम्मेदारी है। शॉवर और लाइन खराब होना ठीक नहीं। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जाए। पूल को ठेके पर भी देने की प्रक्रिया चल रही है। फ्री में स्नान करने की भी बड़ी समस्या सामने आई है। निजी कंपनी को देने से इस पर रोक लग सकेगी। -मुकेश टटवाल, महापौर

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