देश के 50 टूरिस्ट सर्किट में उज्जैन भी, शहर विकास को लगेंगे पंख

उज्जैन में बन सकता है आयुर्वेद एम्स, प्रस्ताव है विचाराधीन, आम बजट से उज्जैन को मिल सकती है सुविधा
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आम बजट में देश के 50 शहरों को टूरिस्ट सिटी की रूप में डेवलप करने के प्लान से उज्जैन में भी विकास के दरवाजे खुल सकते हैं। केंद्र सरकार ने अपने टूरिस्ट सिटी प्रोगा्रम में उज्जैन को भी धार्मिक पर्यटन के तौर पर शामिल किया है। प्रदेश से उज्जैन के साथ छतरपुर के खजुराहो का नाम भी शामिल है। इसी के साथ उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स खुलने की संभावना भी बन गई है। छह राज्य इस दौड़ में शामिल हैं, इसमें उज्जैन का नाम भी है।
दरअसल केंद्र सरकार टीयर 2 एवं टीयर 3 शहरों में रोजगार बढ़ाने के लिए कई दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में पर्यटन सेक्टर को भी ग्रोथ इंजन बनाया गया है। इसके तहत देश के पचास शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय बनाने की योजना है। इन शहरों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के हिसाब से इंफ्रा विकसित किया जाएगा। चयनित शहरों में उज्जैन का नाम भी है। उज्जैन का सिलेक्शन धार्मिक केंद्र के रूप में किया गया है।
क्या-क्या काम होंगे
1 नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के जरिये पर्यटन स्थल का डिजिटल डोटा तैयार होगा।
2 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें होटल, प्रशिक्षित गाइड, ट्रांसपोर्ट सुविधा, हस्तशिल्प, होम स्टे जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
3 ज्योर्तिलिंग सर्किट बनेगा, इसमें उज्जैन के श्री महाकालेश्वर भी शामिल होंगे।
उज्जैन आयुर्वेद एम्स की दौड़
केंद्र सरकार ने आम बजट में तीन आयुर्वेद एम्स बनाने का ऐलान किया है। इस दौड़ में उज्जैन भी शामिल है। केंद्र सरकार को अब तक छह राज्यों ने आयुर्वेद एम्स खोलने के प्रस्ताव दिए हैं। इनमें उत्तराखंड, गोवा, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश और दिल्ली शामिल है। उज्जैन के धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज को एम्स में तब्दील करने का प्रस्ताव तीन साल पहले तत्कालीन उच्चशिक्षा मंत्री एवं मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तैयार करवाया था। यह अभी विचाराधीन है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेपी चौरसिया ने बताया कि उज्जैन का दावा बेहद मजबूत है। इसकी वजह है यहां उपलब्ध सुविधा और शोध हैं। एक अच्छी टीम यहां पंचकर्म चिकित्सा से लेकर अन्य क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है।
मेडिकल क्षेत्र के लिए सबसे शानदार बजट
इधर आम बजट को लेकर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। बजट में पहली बार मेडिकल सुविधा जुटाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। हर जिले में ट्रॉमा सेटर का खोलने की योजना है। मेडिसिन क्षेत्र में रिसर्च के लिए नए सेंटर खोलने का प्रोविजन किया है। यह अच्छी बात है। इससे रोजगार और सुविधा दोनों बढ़ेगी।
डॉ. विजय गर्ग, हृदय रोग विशेषज्ञ
कर्तव्य पथ का पहला केंद्रीय बजट
कर्तव्य पथ के पहले केंद्रीय बजट कर विवादों से राहत, कृत्रिम अंग निर्माण को प्रोत्साहान, क्रेडिट सब्सिडी, कॉरिडोर, कल्चर, कनेक्टिविटी, कंडक्टर मिशन, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है। काजू, नारियल, कोको, कपड़े और कैंसर की दवा सस्ती की है। यह अच्छा बजट है।
डॉ. धर्मेंद्र मेहता, निदेशक, जवाहरलाल नेहरू व्यवसायिक प्रबंध संस्थान उज्जैन









