इंदौर-उज्जैन के बीच दौड़ेगी वंदे भारत मेट्रो, मौजूदा ट्रैक पर ही चलाने का दावा

इंदौर सांसद ने कहा-160 की रफ्तार वाली वंदे भारत से यात्री 45 मिनट में पूरा कर सकेंगे सफर
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सिंहस्थ से पहले उज्जैन- इंदौर के बीच वंदे भारत मेट्रो दौड़ सकती है। केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सबसे बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यह मेट्रो शटल सेवा के रूप में चलेगी और यह दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही नमो भारत ट्रेन की तरह होगी।

यहां उसे वंदे भारत मेट्रो (नमो भारत ) आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने मीडिया को बताया कि आमतौर पर मेट्रो के लिए अलगकॉरिडोर या ट्रैक की आवश्यकता होती है, लेकिन उज्जैन-इंदौर वंदे भारत मेट्रो के लिए अलग ट्रैक की आवश्यकता नहीं होगी। यह मौजूदा ट्रैक पर ही चलेगी। उज्जैन-इंदौर वाया फतेहाबाद रूट वाले ट्रैक पर १80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का ट्रायल हो चुका है। सिंहस्थ के दौरान यात्रियों का दबाव कम करने में यह ट्रेन खासी मददगार होगी। १२ कोच की इस ट्रेन से यात्री ४५ मिनट में उज्जन से इंदौर का सफर तय कर सकेंगे।
सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान
2028 में आने वाले सिंहस्थ महापर्व में प्रशासन 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगा रहा है। 2016 के सिंहस्थ (7 करोड़ श्रद्धालु) की तुलना में यह संख्या चार गुना से अधिक होगी। इसे देखते हुए उज्जैन और आसपास के शहरों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
वंदे भारत मेट्रो : मात्र 5 सेकंड में पकड़ेगी रफ्तार
यह ट्रेन मात्र 5 सेकंड में 50 किमी/घंटा की गति पकडऩे में सक्षम है।
स्पीड 160 किमी प्रति घंटा रहेगी, जिससे इंदौर-उज्जैन का सफर महज 40-45 मिनट का हो जाएगा।
नमो भारत ट्रेन में 12 आधुनिक कोच होंगे। यह ट्रेन वल्र्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगी। ट्रेन के कोच विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं। फिलहाल इन कोच से दिल्ली से मेरठ के बीच ट्रेन संचालित की जा रही है।
मेट्रो में 1150 लोग बैठ सकेंगे और , 2000 खड़े होकर सफरउ कर सकेंगे। यानी एक बार में अधिकतम 3150 यात्री सफर कर सकेेंगे।
इंदौर से उज्जैन के बीच लगातार शटल सेवा के रूप में चलाने की योजना।









