जेंडर अफर्मिंग सर्जरी क्या है? जानें कैसे होती है प्रक्रिया और कितना आता है खर्च

भोपाल स्थित एम्स में एक ट्रांसजेंडर महिला की जटिल जेंडर अफर्मिंग सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। डॉक्टरों की टीम को इस ऑपरेशन में करीब आठ घंटे लगे। बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सर्जरी है। मरीज लंबे समय से अपनी लैंगिक पहचान के अनुरूप जीवन जीना चाहती थीं। इसी उद्देश्य से उन्होंने एम्स भोपाल के ट्रांसजेंडर क्लीनिक से संपर्क किया। यहां विशेषज्ञों ने पहले उनकी काउंसलिंग की और जरूरी मेडिकल जांच कराई। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने और मरीज की सहमति मिलने के बाद सर्जरी की गई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में संतोषजनक सुधार हुआ। डॉक्टरों की निगरानी में रिकवरी होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मामले के बाद जेंडर अफर्मिंग सर्जरी को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हो सकते हैं। आखिर यह सर्जरी क्या होती है, इसे कराने से पहले किन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है और भारत में इसका खर्च कितना हो सकता है? आइए जानते हैं।
जेंडर अफर्मिंग सर्जरी क्या होती है?
जेंडर अफर्मिंग सर्जरी को जेंडर कन्फर्मेशन सर्जरी भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति के शरीर को उसकी लैंगिक पहचान के अनुरूप बनाने में मदद करना होता है। यह कोई एक ऑपरेशन नहीं है, बल्कि इसमें जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की सर्जरी शामिल हो सकती हैं। हर व्यक्ति की जरूरत और पसंद अलग होती है, इसलिए सभी के लिए एक जैसी प्रक्रिया जरूरी नहीं होती।
जन्म के समय पुरुष के रूप में दर्ज व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन, वैजिनोप्लास्टी या फेशियल फेमिनाइजेशन जैसी प्रक्रियाओं का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं, जन्म के समय महिला के रूप में दर्ज व्यक्ति के लिए चेस्ट सर्जरी, मास्टेक्टॉमी, फैलोप्लास्टी या मेटोइडियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं की जा सकती हैं। कौन-सी सर्जरी उपयुक्त होगी, इसका फैसला व्यक्ति की इच्छा, स्वास्थ्य और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के आधार पर किया जाता है।
सर्जरी कराने से पहले क्या होता है?
जेंडर अफर्मिंग सर्जरी कराने की प्रक्रिया सिर्फ ऑपरेशन तक सीमित नहीं होती। इसके लिए पहले कई जरूरी चरण पूरे किए जाते हैं।
1. काउंसलिंग: सबसे पहले विशेषज्ञ मरीज की जरूरतों, अपेक्षाओं और सर्जरी से जुड़ी जानकारी पर चर्चा करते हैं। इसका उद्देश्य व्यक्ति को प्रक्रिया के बारे में समझाना और उसके सवालों का जवाब देना होता है।
2. मेडिकल जांच: सर्जरी से पहले जरूरी स्वास्थ्य जांच की जाती है। इससे मरीज की मेडिकल स्थिति और ऑपरेशन से जुड़े संभावित जोखिमों को समझने में मदद मिलती है।
3. सर्जरी का चुनाव: मरीज की जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार तय किया जाता है कि किस तरह की प्रक्रिया उपयुक्त रहेगी। हर व्यक्ति को सभी प्रकार की सर्जरी कराने की जरूरत नहीं होती।
4. ऑपरेशन के बाद देखभाल: सर्जरी के बाद रिकवरी, दवाइयों, नियमित फॉलोअप और डॉक्टर की सलाह के अनुसार देखभाल की जरूरत होती है। सर्जरी के प्रकार के आधार पर रिकवरी का समय अलग-अलग हो सकता है।
भारत में जेंडर अफर्मिंग सर्जरी का खर्च कितना है?
जेंडर अफर्मिंग सर्जरी का खर्च सभी मरीजों के लिए एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस तरह की सर्जरी कराई जा रही है, अस्पताल कौन-सा है और प्रक्रिया कितनी जटिल है। उपलब्ध लागत संबंधी जानकारी के अनुसार, भारत में अलग-अलग जेंडर अफर्मिंग सर्जरी का खर्च लगभग 2 लाख से 10 लाख रुपये तक हो सकता है। कुछ प्रक्रियाओं की शुरुआती लागत इससे कम भी हो सकती है।
अलग-अलग प्रक्रियाओं की अनुमानित लागत इस प्रकार बताई गई है:
- ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन: लगभग 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये
- वैजिनोप्लास्टी: लगभग 2.5 लाख से 7 लाख रुपये
- फेशियल फेमिनाइजेशन सर्जरी: लगभग 2 लाख से 6 लाख रुपये
ये अनुमानित कीमतें हैं। वास्तविक खर्च अस्पताल, डॉक्टर की विशेषज्ञता, सर्जरी की तकनीक और मरीज की जरूरतों के अनुसार बदल सकता है। इसलिए इलाज शुरू करने से पहले अस्पताल से पूरी लागत की जानकारी लेना जरूरी है।
सिर्फ ऑपरेशन का खर्च नहीं होता शामिल
सर्जरी के लिए बजट बनाते समय केवल ऑपरेशन की फीस को ध्यान में रखना पर्याप्त नहीं है। काउंसलिंग, मेडिकल टेस्ट, अस्पताल में भर्ती रहने, दवाइयों और ऑपरेशन के बाद की देखभाल पर भी खर्च हो सकता है। कुछ मामलों में हार्मोन थेरेपी या अन्य सहायक प्रक्रियाओं की जरूरत भी पड़ सकती है। इनका खर्च अलग हो सकता है। इसलिए सर्जरी से पहले डॉक्टर और अस्पताल से सभी संभावित खर्चों का विवरण लेना बेहतर रहता है।
जेंडर अफर्मिंग सर्जरी का फैसला कैसे लिया जाता है?
यह एक व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण फैसला है। इसे लेने से पहले सर्जरी के संभावित लाभ, जोखिम, रिकवरी के समय और भविष्य में जरूरी देखभाल के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर से पूरी जानकारी लेनी चाहिए। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के अनुभव या खर्च के आधार पर अपनी सर्जरी का फैसला नहीं करना चाहिए। सही जानकारी, उचित मेडिकल सलाह और व्यक्ति की स्वेच्छा इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।









