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कब है हिंदू नववर्ष, यहां जानें-शुभ मुहूर्त और गुड़ी पड़वा का महत्व

हिंदू पंचांग की मानें, तो हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है. साल 2025 में ये खास तिथि 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी और 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर खत्म होगी. हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है. इसलिए गुड़ी पड़वा का पर्व 30 मार्च को मनाया जाएगा.

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गुड़ी पड़वा का खास महत्व
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी. प्राकृतिक रूप से देखें, तो इस पर्व को वसंत ऋतु का नई उमंग और जीवन की शुरूआत का प्रतीक माना जाता है. यह पर्व हिन्दू धर्म की परंपराओं, संस्कृति और कृषि के महत्व को समझाता है.

भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की पूजा का विधान
गुड़ी पड़वा पर भगवान विष्णु के साथ-साथ ब्रह्मा जी की पूजा का विधान है. शास्त्रों के अनुसार, जो भी इस दिन भगवान का पूजन करता है और साथ-साथ कुछ नियमों का पालन करता है, उसे पूरे साल भगवान से खुशियों और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है. यही नहीं विधि-विधान से भगवान का पूजन करने पर सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं.

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गुड़ी लगाने के लिए शुभ दिशा क्या है?
गुड़ी पड़वा के दिन गुड़ी ध्वज को पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. ऐसे इसलिए, क्योंकि इस दिशा में ही सूर्योदय होता है. इसलिए पूर्व दिशा को शुभ, उर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. हालांकि, आप गुड़ी को उत्तर-पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार होता है.

गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें?
गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शरीर पर उबटन लगाना चाहिए फिर स्नान करना चाहिए. पहले गणेश भगवान की पूजा करनी चाहिए. इसके बाद भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की विधि -विधान से पूजा करनी चाहिए. 108 बार ॐ ब्रह्मणे नमः मंत्र का जाप करना चाहिए. साथ ही मां दुर्गा का ध्यान लगाना चाहिए. पूजा से पहले पूजा के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए. नीम के पत्ते का चूर्ण बनाकर उसमें नमक, हींग, जीरा, काली मिर्च, अजवाइन और मिश्री डालकर खाना चाहिए. दुकान या व्यापार वाली जगह के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ हरिद्रा के कुछ दाने डाल देने चाहिए. इस दिन गुड़ी नाम की ध्वजा फहरानी चाहिए.। इस दिन लोग पारंपरिक भोजन भी बनाते हैं जिसमें श्रीखंड, पूरन पोली और साबुदाना वड़ा आदि जैसे व्यंजन शामिल हैं। इस त्योहार को लोग बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं और एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हैं।

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गुड़ी पड़वा के दिन न करें ये काम?
गुड़ी पड़वा के दिन नाखून नहीं काटने चाहिए. साथ ही दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए. पूजा-पाठ में गलतियां नहीं करनी चाहिए. दिन में सोना नहीं चाहिए. इस दिन मांसाहार और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.

गुड़ी पड़वा से जुड़े रोचक तथ्य
गुड़ी पड़वा के दिन, लोग अपने घरों के सामने एक गुड़ी लगाते हैं। गुड़ी एक बांस की छड़ी होती है जिसे रेशमी कपड़े, फूलों और तांबे या चांदी के बर्तन से सजाया जाता है।
गुड़ी को बुरी शक्तियों को दूर भगाने और सौभाग्य और समृद्धि लाने के लिए माना जाता है।
गुड़ी पड़वा के दिन, लोग पारंपरिक व्यंजन जैसे कि श्रीखंड और पूरन पोली खाते हैं।
इस दिन, लोग नए कपड़े पहनते हैं और अपने परिवार और दोस्तों से मिलते हैं।
गुड़ी पड़वा के दिन दान करने का भी बहुत महत्व है।
गुड़ी पड़वा के दिन वृक्षारोपण करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
गुड़ी पड़वा के दिन सोना खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है।

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