बीआरटीएस की रैलिंग हटाने के साथ ही बस स्टॉप भी टूटना शुरू… 40 नए बनेंगे

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। आखिरकार साढ़े 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का काम नगर निगम ने बीते दिनों शुरू करवाया और रैलिंग हटाने के साथ अब आई बसों के लिए कॉरिडोर के अंदर बने बस स्टॉपों को भी तोडऩे का काम ठेकेदार फर्म ने शुरू कर दिया है। हालांकि फिलहाल इससे धूल काफी उड़ रही है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी भी हो रही है, साथ ही दुर्घटनाओं का भी डर है। नतीजतन प्रीकॉस्ट डिवाइडर रखवाए जाएंगे, क्योंकि सेंटर डिवाइडर और अन्य कार्य के एक पैकेज का ही टेंडर निगम मंजूर कर सका है। 2 अन्य पैकेजों पर आज एमआईसी में निर्णय होना है।

मुख्यमंत्री की घोषणा और हाईकोर्ट आदेश के बाद बीआरटीएस को हटाने का निर्णय लिया गया। मगर उसको तोडऩे के टेंडर को ही बमुश्किल मंजूरी मिल सकी और लगभग ढाई करोड़ रुपए में रैलिंग तोडऩे, डिवाइडर हटाने के साथ बस स्टॉपों का भी ठेका दिया गया। रात में रैलिंग हटाने और दिन में बस स्टॉप तोडऩे के निर्देश निगम ने ठेकेदार को दिए हैं। अभी निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने भी अपने दौरे के दौरान प्रीकॉस्ट डिवाइडर रखने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं। दरअसल, नगर निगम ने बीआरटीएस तोडऩे के साथ नवनिर्मिाण और 40 नए बस स्टॉप बनाने के अलावा सेंटर डिवाइडर की ड्राइंग-डिजाइन तैयार कर तीन पैकेज में उसके पैकेज बुलाए हैं। मगर दो पैकेज के सिंगल टेंडर आए हैं, जिस पर निगमायुक्त ने फिर से टेंडर बुलाने को कहा है और आज महापौर परिषद् की बैठक में इस पर निर्णय होगा। हालांकि निगमायुक्त के पत्र के मुताबिक ही निर्णय लेना पड़ेगा और नए सिरे से टेंडर बुलाने की कवायद भी होगी। निगम के जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के मुताबिक, एक पैकेज के टेंडर तो मंजूर हैं, जिसमें निरंजनपुर से एलआईजी तक का काम होना है। उसके आगे के पैकेज के दो टेंडर अगर निरस्त किए जाते हैं, तो 3 से 4 माह का समय और लगेगा, जबकि अभी रैलिंग हटाने, डिवाइडर तोडऩे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ठेकेदार फर्म ने आई बसों के लिए बनाए गए आधुनिक बस स्टॉपों को भी तोडऩा शुरू कर दिया है।
अभी हो रहा यातायात अवरुद्ध…
बीआरटीएस कॉरिडोर को समाप्त करने के चलते नगर निगम अभी भी 40 नए बस स्टॉप भी निर्मित करवा रहा है, जिस पर नई ई-बसें चलाई जाएंगी। फिलहाल जो आई बसें बीआरटीएस कॉरिडोर में चलती ती उनका संचालन भी अब मुश्किल में पड़ गया और उन्हें दोनों तरफ की अन्य वाहनों के लेन में चलाना पड़ रहा है, जिसके कारण यातायात और अवरुद्ध होने लगा है। वहीं निरंजनपुर और सत्यसांई चौराहा पर एमपीआरडीसी द्वारा जो दो फ्लायओवर बनवाए जा रहे हैं, उसके कारण भी बीते कुछ समय से इस हिस्सों पर आई बसों का संचालन कॉरिडोर के अंदर बंद हो गया था और दोनों तरफ की लेन में ही ये बसें चलती रहीं।









