अब 12 को नहीं 11 फरवरी को होगा विंध्य हर्बल वन मेले का शुभारंभ!

पांच दिन तक चलने वाले मेले में नजर आएंगे प्रदेश के वन उत्पाद

उज्जैन। उज्जैन में पहली बार लगने जा रहे पांच दिवसीय विंध्य हर्बल वन मेले का शुभारंभ अब 12 फरवरी की जगह 11 फरवरी को सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका शुभारंभ सकते हैं। इसकी वजह यह है कि सीएम डॉ. यादव उज्जैन में समाजसेवी रवि सोलंकी के यहां आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचेंगे। उनके व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए ही एक दिन पहले 11 फरवरी को वन मेले का शुभारंभ करवाया जा सकता है जो 15फरवरी तक चलेगा।
इन दिनों दशहरा मैदान पर इसकी तेजी से तैयारियां चल रही हैं।
दरअसल, वन मेले में पर्यावरण, वन्य जीव संरक्षण, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान का संगम देखने को मिलेगा। सबसे बड़ा आकर्षण चीता परिवार का विशाल स्कल्पचर होगा। साथ ही जंगली वन्य प्राणियों को पकडऩे में उपयोग होने वाला बोमा भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को वन, जैव विविधता और चीतों के पुनसर््थापन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
स्वाद और सेहत का संगम
मेले में विंध्य हर्बल के उत्पादों के साथ उज्जैन और आसपास के आंचलिक व्यंजन भी परोसे जाएंगे। बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजन और अलीराजपुर का दाल पनिया जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों के जरिए आयुर्वेदिक कॉलेज के विशेषज्ञ उनके पोषण और औषधीय गुणों की जानकारी देंगे।
हर्बल उत्पाद रखे जाएंगे
मेले में विंध्य हर्बल के 140 से अधिक उत्पाद रहेंगे। इनमें महुए से बनी बॉडी लोशन, एंटी एजिंग क्रीम, बच्चों के लिए ग्रोविट, महुआ युक्त च्यवनप्राश, लैब टेस्टेड जंगल की शहद और शिलाजीत शामिल हैं। सरकारी ब्रांड होने, लैब टेस्ट रिपोर्ट व आयुर्वेदिक प्रोसेसिंग के कारण इन उत्पादों की विशेष पहचान रहेगी।









