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अब प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने में देरी करदाताओं को पड़ेगी भारी

यदि 2021-22 में संपत्तिकर जमा नहीं किया है तो इस साल 15 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ देना होगी दोगुनी राशि

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उज्जैन। अगर आपने पिछले वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया है तो अब आपको दोगुना टैक्स देना होगा और उस पर 15 प्रतिशत फीसदी पेनाल्टी अलग से लगेगी। यानी अगर आप का प्रॉपर्टी टैक्स 1000 रुपए है तो अब आपको 2300 रुपए देने होंगे। इसके लिए शासन ने नगरपालिक निगम अधिनियम में डेढ़ साल पहले के संशोधन में प्रॉपर्टी टैक्स की गणना में बड़ा बदलाव कर दिया है।

इसमें आवासीय स्वयं उपयोग के मकान में प्रॉपर्टी टैक्स में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट को सिर्फ करेंट ईयर तक सीमित कर दिया गया है। इसका असर ये हुआ कि बकायादारों के लिए अगले साल टैक्स अपने आप दोगुना हो गया और 15 प्रतिशत की पेनाल्टी तो लागू होना ही है। टैक्स कलेक्शन की यही प्रक्रिया वित्त वर्ष 2021-22 से पूरे प्रदेश में लागू है, लेकिन इसका असर इसी वित्त वर्ष 2022-23 से दिखने लगेगा।

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अब तक ये था नियम

आवासीय स्वयं उपयोग पर प्रॉपर्टी टैक्स आधा ही देना होता था। प्रॉपर्टी टैक्स की गणना नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 136 के तहत होती है। धारा 136 (3) (आई) में लिखा है कि अब तक खुद के निवास वाली प्रॉपर्टी पर टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलती थी। शासन ने अब इसमें यह जोड़ दिया है कि यह छूट केवल तभी मिलेगी, जब चालू वित्त वर्ष में टैक्स जमा करा दिया जाए। मार्च 202१ में हुए दूसरे संशोधन के अनुसार यह नियम पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 से लागू हो चुका है। यानी पिछले वित्त वर्ष के बकायादारों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।

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शहर में 1.29 लाख करदाता

निगम रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में 1.29 लाख संपत्ति करदाता है। 90 प्रतिशत खातों में स्वयं निवास ही दर्ज है। इस साल अभी तक सिर्फ 55 प्रतिशत लोगों ने ही अपना संपत्तिकर जमा किया है। शेष पर दो साल से अधिक का टैक्स बकाया है। पुरानी रिकवरी का आंकड़ा भी 24 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत पर जा पहुंचा है।

इस साल से इसे करेंगे लागू

राज्य सरकार द्वारा किए गए कानून में संशोधन के बाद यह नियम उज्जैन में भी इस साल से लागू किया जाएगा। अभी नए नियम का प्रचार शुरू हुआ है, इसलिए हम इसे 31 मार्च के बाद लागू करेंगे। यानी बकायादार यदि 31 मार्च तक टैक्स जमा कर दें तो हम केवल 15 प्रतिशत की पेनाल्टी लेंगे। इसके बाद करदाता को दोगुना टैक्स चुकाना पड़ेगा। ठहराव के संबंध में सभी संपत्तिकर अधिकारियों को आदेशित किया जा चुका है।
आदित्य नागर, अपर आयुक्त
नगर निगम उज्जैन

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