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उज्जैन:आरडी गार्डी अस्पताल में ब्लैक फंगस के ऑपरेशन बंद

दवाई के अभाव में एंडोस्कोप से निकाल रहे फंगस

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मरीजों को नहीं मिल रही राहत ब्लड शुगर भी बन रही मुसिबत

 

उज्जैन:यह चौंकाने वाला तथ्य है कि आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का अलग से वार्ड तो बना दिया गया लेकिन पिछले तीन दिनों से एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण है एंटी फंगस इंजेक्शन, जोकि पूरे मध्यप्रदेश में इस समय उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज में अब ब्लैक फंगस के ऑपरेशन बंद हो गए हैं। केवल एंडोस्कोप से सायनस की फंगस निकाली जा रही है।

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मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ नेत्र सर्जन एवं कोविड प्रभारी डॉ.सुधाकर वैद्य के अनुसार शुरू के तीन ऑपरेशन दवाई उपलब्धता के कारण किए गए। चौथा ऑपरेशन मरीज के परिजनों द्वारा सूरत से दवाई लाने पर किया गया। इसके बाद से ब्लैक फंगस का एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है। इस समय यहां पर 20 मरीज भर्ती हैं। इनमें से आधे से अधिक ऐसे हैं, जिनकी ब्लड शुगर बढ़ी हुई है। एंटी फंगस दवाई लिपोसोमाल एम्पोटेरेसिन बी इंजेक्शन 50 एमजी जोकि 6 अलग अलग कम्पनियों द्वारा बनाई जा रही है, हमारे शहर के बाजार तो क्या पूरे मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री से अपील- विशेष प्रयास कर दिलवाएं इंजेक्शन

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डॉ. वैद्य के अनुसार उक्त इंजेक्शन के अभाव में ब्लैक फंगस का पूरा ऑपरेशन जिसके तहत सायनेस से होकर बे्रन तक जाते हैं असंभव है। यही कारण है कि हम मरीज का प्राथमिक उपचार ही कर पा रहे हैं। इसके तहत नाक में जमा फंगस जोकि सायनेस तक जमा है, एंडोस्कोपिक से देखकर निकाल रहे हैं। ताकि तात्कालिक राहत मिल सके। लेकिन हम इसके आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। अब नजरें प्रदेश शासन की ओर है। मुख्यमंत्रीजी अपने विशेष प्रयास से यह दवाई उपलब्ध करवाएंगे तो ऑपरेशन में तेजी आ जाएगी और लोग अधिक संख्या में अपनी आंखों को बचा सकेंगे। इसलिए भी क्योंकि इस बीमारी से पीडि़तों की संख्या बढ़ती जा रही है।

जरूरी काम नहीं तो घर से न निकलें, आंखों को न खुजाले

डॉ. वैद्य के अनुसार अभी तक वे ही मरीज आ रहे थे,जोकि कोविड पेशेंट थे। अब वे भी आ रहे हैं जो कोविड नहीं है लेकिन जिन्हे यह बीमारी संक्रमण के कारण हो चुकी है। लोग अभी भी घरों से निकलने से मान नहीं रहे हैं। सामान्यतया मास्क के कारण वे हाथों को नाक, मुंह तक जाने से बचा लेते हैं लेकिन ऑखों के खुजली होने पर खुजाल लेते हैं। यहीं से जा रहा है वायरस। डॉ वैद्य ने लोगों से अपील की है की अपनी आंखों को भी न खुजालें। दिन में तीन से चार बार स्वच्छ पानी से धोएं। नाक को तीन से चार बार गुनगुने पानी में नमक मिलाकर साफ करें। अब स्वयं की सावधानी ही बचाएगी लोगों की आंखे।

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