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एमपी हॉस्पिटल में मौत के एक घंटे बाद तक चलता रहा कागजों में इलाज

जांच करने पहुंची टीम को मिलीं गंभीर अनियमितताएं, फाइल जब्त

 

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उज्जैन। फ्रीगंज स्थित निजी एमपी हॉस्पिटल में युवक प्रताप आंजना की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सोमवार को जब सीएमएचओ द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच दल अस्पताल पहुंचा, तो उपचार की फाइल में भारी गड़बड़ी मिली। रिकॉर्ड के अनुसार, मरीज की मृत्यु सुबह 6.04 बजे हो गई थी, लेकिन फाइल में सुबह 7 बजे तक उसे दवाइयां देने का उल्लेख किया गया है।

गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले मंगलवार रात इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से ग्राम करनावद निवासी प्रताप (20) घायल हो गया था। उसे फ्रीगंज के एमपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल पर विशेषज्ञ डॉक्टर न होने और खराब मशीनों का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था।

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सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल के निर्देश पर डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. प्रदीप सोमेश, डॉ. अजय दंडोतिया और डॉ. आदित्य रावल की टीम मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। मंगलवार को होने वाले डॉक्टरों के बयानों के आधार पर अस्पताल के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि इस अस्पताल पर पूर्व में भी इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।

जांच में सामने आईं ये खामियां: समय का हेरफेर- मरीज की मौत सुबह 6.04 बजे दर्ज है, जबकि कागजों में 6.30 और 7 बजे भी उपचार करना लिखा गया है। अस्पताल प्रबंधन इस विसंगति पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

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