कालभैरव मंदिर : श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार, सुविधाओं की है दरकार

बाबा महाकाल के कोतवाल के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु हो रहे परेशान, अन्य राज्यों से आए दर्शनार्थी बोले- अब दोबारा नहीं आएंगे
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बाबा महाकाल के कोतवाल के रूप में ख्यात कालभैरव मंदिर में सुविधाओं की कमी से यहां आनेवाले श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।आस्था लेकर बाबा के दरबार में पहुंंचने वाले भक्तों को सुविधाओं के नाम पर चिलचिलाती धूप, धक्का-मुक्की और अवैध वसूली मिल रही है। स्थिति इतनी विकट है कि अन्य प्रदेश से आए श्रद्धालु तो यह कहने से भी नहीं चूक रहे कि अब दोबारा नहीं आएंगे।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने तीन दिन पहले ही कालभैरव मंदिर की अव्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने दर्शन के नाम पर वसूली के आरोप लगाए थे। उनके पत्र की हकीकत जानने के लिए रविवार को अक्षरविश्व रिपोर्टर ने मंदिर परिसर में दो घंटे का समय बिताया और स्थिति जानी।
मंदिर परिसर के चारों तरफ अतिक्रमण….


कहने को कुछ दिन पहले नगर निगम ने मंदिर परिसर के बाहर अतिक्रमण हटाया था, लेकिन अब दुकानदार अपने सामान के साथ फिर जम चुके हैं। हाल यह है कि कालभैरव से भैरवगढ़ तरफ जाने या ओखलेश्वर की ओर निकलने वाला ट्रैफिक फंस रहा है। दुकानदारों का सामान बाहर पसरा होने से जिग़-ज़ैग लाइन और संकरी हो गई है।

श्रद्धालु बोले- गलती कर दी आकर: देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने अव्यवस्था पर दु:ख प्रकट किया और कहा कि वह दर्शन को आकर फंस गए।
धूप, प्यास से बेहाल लोग

वैशाख की तपती दोपहर में श्रद्धालुओं को सामने सबसे बड़ी परेशानी धूप और पीने की पानी की है। मंदिर परिसर में छाया के नाम पर कहने को हरी नेट लगाई गई है, लेकिन यह जगह-जगह से फट चुकी है। ऐसे में श्रद्धालु धूप में खड़े रहकर ही अपनी बारी आने का इंतजार करते रहते हैं। मंदिर परिसर में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण श्रद्धालुओं को पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं।
किसने क्या कहा

5 घंटे तक लाइन में लगा
5 घंटे लाइन में लगा रहा, पानी भी खरीदकर पीना पड़ा। व्यवस्था इतनी खराब है कि लगता है यहां दोबारा कभी नहीं आना चाहिए।
अर्जुन कुमार
(गोरखपुर)
गार्ड ने धक्का देकर बाहर किया

5 घंटे बाद जब गर्भगृह तक पहुंचा तो गार्ड ने धक्का देकर बाहर कर दिया। एक झलक भी ठीक से नहीं देखने दी गई। यह कैसी व्यवस्था है।
सानंद कुमार
(रायगढ़)
कोई मैनेजमेंट नहीं

एमपी टूरिज्म के नाम पर यहां आना मेरी गलती थी। कोई मैनेजमेंट नहीं, मेरे परिवार के आधे लोग तो बिना दर्शन किए ही बीच लाइन से लौट गए।
निशांत साहू (छत्तीसगढ़)
मन खिन्न हो गया

पहली बार आया था, लेकिन 4 घंटे लाइन मेंं लगने और अव्यवस्थाओं ने मन खिन्न कर दिया।
अमित महतो (दिल्ली)
नया शेड डालने की तैयारी है….
व्यवस्था ठीक करने के लिए बैरिकेड्स पर गार्ड तैनात हैं , वह यात्रियों की मदद करते हैं और पानी भी पिलाते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्द ही नए शेड की व्यवस्था की जा रही है।
संध्या मार्कण्डेय प्रबंधक कालभैरव मंदिर









