चीता स्कल्पचर, बोमा होगा आकर्षण का केंद्र

विंध्य हर्बल वन मेले का शुभारंभ 12 फरवरी को, शहर में पहली बार लगेगा
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स्वाद और सेहत का संगम भी नजर आएगा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला दशहरा मैदान पर लगने जा रहा है। 12 फरवरी को इसका शुभारंभ होगा जो 16 फरवरी तक चलेगा। इसकी तैयारियां भी जोरशोर से चल रही हैं। शनिवार को दशहरा मैदान के अलग-अलग हिस्सों में 6 विशाल डोम बनाने का काम किया जाता रहा। एक-दो दिन में इसे पूरा कर लिया जाएगा। यहां लोग जड़ी-बूटियों के साथ वनोपज की खरीदारी कर सकेंंगे।
दरअसल, वन मेले में पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान का संगम देखने को मिलेगा। बच्चों और युवाओं के लिए मेले का सबसे बड़ा आकर्षण चीता परिवार का विशाल स्कल्पचर होगा। इसके साथ ही जंगली वन्य प्राणियों को पकडऩे में उपयोग होने वाला बोमा भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को वन, जैव विविधता और चीतों के पुनसर््थापन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। मेले के आयोजन के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सेवा चलाने की योजना है। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए गोल्फ कार्ट और व्हील चेयर की व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 11वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ पर उज्जैन में वन मेला आयोजित करने की घोषणा की थी इसलिए यह आयोजन किया जा रहा है।
दशहरा मैदान पर विशाल डोम बनाने के साथ चल रहीं तैयारियां
140 से अधिक हर्बल उत्पाद रखे जाएंगे
मेले में विंध्य हर्बल के 140 से अधिक उत्पाद रखे जाएंगे। इनमें महुए से बनी बॉडी लोशन, एंटी एजिंग क्रीम, बच्चों के लिए ग्रोविट, महुआ युक्त च्यवनप्राश, लैब टेस्टेड जंगल की शहद और शिलाजीत शामिल हैं। सरकारी ब्रांड होने, लैब टेस्ट रिपोर्ट और आयुर्वेदिक प्रोसेसिंग के कारण इन उत्पादों की विशेष पहचान रहेगी। मेले के दौरान अंतर्राष्ट्रीय हर्बल कार्यशाला और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित होंगे। इसके अलावा प्रतिदिन आयुर्वेदिक चिकित्सक नि:शुल्क परामर्श भी देंगे।
स्वाद और सेहत का संगम
मेले में विंध्य हर्बल के उत्पादों के साथ उज्जैन और आसपास के आंचलिक व्यंजन भी उपलब्ध रहेंगे। बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजन और अलीराजपुर का दाल पनिया जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों के जरिए आयुर्वेदिक कॉलेज के विशेषज्ञ उनके पोषण और औषधीय गुणों की जानकारी देंगे। इसका उद्देश्य पारंपरिक खानपान और सेहत के बीच के गहरे संबंध को सामने लाना है।
कलेक्टर भी पहुंचे निरीक्षण करने
कलेक्टर श्री सिंह ने दशहरा मैदान पर आयोजित होने वाले पांच दिवसीय वन मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया इधर, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भी शनिवार दोपहर वन मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ डीएफओ अनुराग तिवारी, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट भी थे। कलेक्टर ने तैयारियों को लेकर जरूरी निर्देश दिए।










