जुर्माने के बाद भी देवास रोड फोरलेन प्रोजेक्ट धीमा

महीनेभर पहले संभागायुक्त ने कहा था कि निर्माण में तेजी लाएं

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में महत्वपूर्ण माने जा रहे देवास रोड फोरलेन प्रोजेक्ट पर प्रशासनिक सख्ती का असर भी दिखाई नहीं दे रहा। महीनेभर पहले निर्माण एजेंसी पर पांच लाख रुपए की पेनल्टी लगाने और संभागायुक्त आशीष सिंह द्वारा कड़ी चेतावनी देने के बाद परियोजना का काम अभी भी कछुआ चाल से चल रहा है। मौके पर स्थिति बता रही है कि जमीन पर काम काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है।
दरअसल, दताना से नागझिरी तक 8.8 किमी लंबे इस हिस्से को सिंहस्थ से पहले शहर की लाइफ लाइन माना जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही, इंदौर-उज्जैन कनेक्टिविटी और यातायात के दबाव को देखते हुए यह परियोजना प्राथमिकता सूची में है लेकिन तय समयसीमा के करीब पहुंचकर भी निर्माण अधूरा है। सड़क लेवलिंग, डामरीकरण, नाला निर्माण और कई टेक्निकल काम अब भी बाकी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब संभागायुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे, चेतावनी दी, जिम्मेदार अधिकारियों को फटकारा, ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाया और मजदूरों की संख्या बढ़ाकर 24 घंटे काम करने के निर्देश दिए लेकिन हालात नहीं बदले।
यह कमियां सामने आई थीं संभागायुक्त आशीष सिंह ने जब निरीक्षण किया था तब कई कमियां भी सामने आई थीं। गुणवत्ता के साथ साइट पर स्थापित परीक्षण प्रयोगशाला में कैलिब्रेशन सर्टिफिकेट तक उपलब्ध नहीं मिला था। इसके बाद उम्मीद थी कि विभाग और एजेंसी सक्रिय होगी लेकिन अभी भी काम कछुआ चाल से चल रहा है। प्रोजेक्ट में पहले भी सीवरेज पाइप लाइन डालने में देरी और समन्वय की कमी को लेकर विभागीय जांच के आदेश जारी हो चुके हैं।
बारिश से पहले पूरा करना होगा
देवास रोड फोरलेन उस अधूरी कड़ी को पूरा करने की योजना है जो तीन साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन में छूट गई थी। ३८.५० करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत इस परियोजना का यदि मानसून से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो वर्षाकाल के दौरान निर्माण और धीमा पड़ सकता है।
नहीं हो सकी चर्चा
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री गौतम अहिरवार से चर्चा करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी। जब भी उनका पक्ष आएगा, आपको बताया जाएगा।









