जॉब मंजूर करने में जल्दबाजी नहीं, कुछ बातों का ध्यान रखें

किसी कंपनी की ओर से नौकरी का ऑफर मिलते ही उम्मीदवार खुशी और मानसिक राहत महसूस करता है, लेकिन यही समय सबसे ज्यादा सोच-समझकर कदम उठाने का होता है। इस पड़ाव पर छोटा सा गैर-पेशेवर व्यवहार भी आगे बड़ा असर डाल सकता है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
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‘हां’ कहें सोच-समझकर- नौकरी के प्रस्ताव को हां कहने से पहले वेतन, जॉइन करने की तिथि, नोटिस पीरियड, बॉन्ड, नौकरी की जगह और भूमिका की शर्तें जरूर समझ लें। जल्दबाजी में दी गई सहमति बाद में परेशानी बन सकती है।
कंपनियों से बात करना बंद न करें- ऑफर मिलना अच्छा है, लेकिन जब तक ऑफर लेटर लिखित में न मिले और नियुक्ति सुनिश्चित न हो, दूसरे विकल्प खुले रखें। इसलिए, दूसरी कंपनियों से बातचीत अचानक से न छोड़ दें।
मना करें, तो शालीन रहें- किसी पुराने ऑफर को ठुकराते समय हमेशा विनम्र और स्पष्ट रहें। रूखा बर्ताव पेशेवर छवि प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इंडस्ट्री के लोग एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
सीखना बंद न करें- ऑफर मिलते ही ढीला पड़ जाना आम गलती है। स्किल्स पर काम जारी रखें, नई तकनीकें सीखते रहें, ताकि पहले दिन ही पेशेवर व मजबूत छवि बने।
कंपनी और टीम की जानकारी लें- ऑफर मिलने के बाद भी कंपनी के मूल्यों और माहौल और वहां प्रगति के अवसरों को समझना जरूरी है। इससे नियुक्ति के बाद काम की जिम्मेदारियां स्पष्ट होती हैं और बेहतर शुरुआत होती है।
मौखिक वादों को लिखित में पाएं- प्रमोशन, पद में बदलाव या वेतन में बढ़ोतरी जैसी बातें अगर ऑफर लेटर में नहीं दर्ज हैं, तो उन्हें लिखित में कन्फर्म कराएं, ताकि गलतफहमी या विवाद न हो और जॉइनिंग के बाद रूपरेखा स्पष्ट हो।
ज्यादा मोलभाव न करें- नौकरी के लिए आए प्रस्ताव में अपनी बात रखनी हो, तो किसी तरह की तुलना के साथ उसे पेश न करें। शर्त ना रखें। यह बात आपके खिलाफ जा सकती है।
अपना रोडमैप तैयार करें- नौकरी मिलना और उसमें अपनी जगह बनाना, दो अलग बाते हैं। अपनी भूमिका के लिए तैयारी पूरी रखें। अपडेट रहें।
डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें- जॉइनिंग के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स, जैसे एड्रेस प्रूफ, पहचान पत्र, मार्कशीट आदि समय पर तैयार रखें। इससे पेशेवर छवि मजबूत होती है और जॉइनिंग में किसी तरह की परेशानी नहीं होती।









