देशभर की चुनिंदा कलाकृतियों से सजी कालिदास अकादमी

कलामृत राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आगाज
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके कलामृत आर्ट फाउंडेशन द्वारा आयोजित कलामृत राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ कालिदास संस्कृत अकादमी में हुआ। 8 अप्रैल तक चलने वाले इस कला महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरी महाराज ने किया। प्रदर्शनी कालिदास संस्कृत अकादमी में 08 अप्रैल तक प्रतिदिन प्रात: 11 से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।
फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह तोमर ने बताया कि इस वर्ष प्रदर्शनी के लिए देशभर से कुल 97 पेंटिंग्स और स्कल्पचर्स (मूर्तियाँ) प्राप्त हुए थे। कड़े चयन दौर के बाद निर्णायक मंडल ने 55 उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शनी के लिए चुना। निर्णायक मंडल में प्रख्यात मूर्तिकार राधाकिशन वडिया, चित्रकार दीपक शर्मा और कार्टूनिस्ट ब्रज खरे जैसे दिग्गज शामिल रहे। कार्यक्रम में कलाकार मुंजा नरवाडे (महाराष्ट्र), ए. मोहन (तमिलनाडु), अनुजा मंडल (राजस्थान) और बिस्वजीत देबनाथ (असम) को विशेष सम्मान दिया गया। इन मुख्य पुरस्कारों के अतिरिक्त 8 अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज की पेंटिंग्स बनीं आकर्षण
इस वर्ष प्रदर्शनी में केवल स्थापित कलाकार ही नहीं, बल्कि शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के उभरते हुए छात्र-कलाकारों द्वारा बनाई गई ओरिजिनल पेंटिंग्स भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। डॉ. तोमर ने जानकारी दी कि संस्था दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे कला केंद्रों के बाद अब उज्जैन में पेंटिंग, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग और फोटोग्राफी जैसी विधाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रही है।
संस्था ने संकल्प जताया है कि आगामी वर्षों में ललित कलाओं के साथ-साथ नृत्य, संगीत, वादन और गायन जैसी विधाओं के कलाकारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान किए जाएंगे। संचालन मयंक शुक्ला ने किया, जबकि स्वागत भाषण पुनीत कदवाने ने दिया।









