रेपो रेट में बदलाव नहीं, RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, लोन महंगा नहीं होगा

नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय लिया। केंद्रीय बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया और तटस्थ रुख बनाए रखा, जिससे आर्थिक हालात के अनुसार आगे दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बाहरी चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। मुद्रास्फीति संतोषजनक स्तर से नीचे बनी हुई है और विकास का परिदृश्य सकारात्मक है। चालू वित्त वर्ष में औसत मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत और जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
आरबीआई ने आगामी वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 7.0 प्रतिशत कर दिया है। वहीं पूरे वर्ष का अनुमान नई जीडीपी श्रृंखला जारी होने के बाद तय किया जाएगा।
इसके अलावा आरबीआई ने ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए गलत बिक्री, ऋण वसूली एजेंटों और अनधिकृत डिजिटल लेनदेन से जुड़े दिशानिर्देशों का मसौदा लाने की घोषणा की। छोटे मूल्य की धोखाधड़ी में 25 हजार रुपये तक क्षतिपूर्ति की रूपरेखा का भी प्रस्ताव रखा गया है।एमएसएमई को बिना गारंटी कर्ज की सीमा 20 लाख रुपये करने, रीट को बैंक ऋण की अनुमति और कुछ एनबीएफसी को नियामकीय छूट देने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 6 से 8 अप्रैल 2026 के बीच होगी।









