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विष्णु सागर से मिली लापता बच्ची की लाश

खेलते हुए पानी में गिरने की आशंका, देर रात तक सर्चिंग, सुबह दोबारा शुरू हुआ सर्चिंग आपरेशन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मां के साथ विष्णु सागर वाटिका में पिकनिक मनाने पहुंची ढाई साल की बालिका की शुक्रवार सुबह तालाब से ही लाश बरामद कर ली गई है। फिलहाल यही आशंका है कि यह बच्ची अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए तालाब के नजदीक पहुंची और गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। सुबह जब बच्ची की लाश मिली तो उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

राजीव रत्न कॉलोनी में रहने वाली श्वेता पति मनमीत सिंह उर्फ आनंद राज घर के आसपास रहने वाली महिलाओं के साथ गुरुवार शाम पिकनिक मनाने विष्णु सागर वाटिका पहुंची थी। यहां महिलाओं का ग्रुप अलग बैठकर बातचीत कर रहा था और इनके बच्चे नजदीक खेल रहे थे। श्वेता कौर की ढाई साल की बच्ची रवनीत भी इन्हीं बच्चों के साथ खेल रही थी। कुछ देर बाद मां का ध्यान बच्चों की ओर गया तो उसे रवनीत कही नजर नहीं आई।

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तत्काल ही उसकी तलाश शुरू की गई। इस बीच कुछ लोगों ने इन्हें कह दिया कि बच्ची को किसी के साथ जाते हुए देखा है। इससे अपहरण की आशंका बनी। पुलिस टीम भी पहुंची। स्नीफर डॉग और एसडीआरएफ टीम बुलाई गई। पुलिस ने दुर्घटना और अपहरण दोनों ही आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की। रात 9 बजे डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे। रात 10 बजे तक तालाब में बच्ची की तलाश होती रही। पूरे अंकपात क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सुबह 6 बजे से दोबारा तालाब में बच्ची की तलाश शुरू की गई।

जुम्मा और टीम ने 10 मिनट में निकाला शव
देर रात तक और इसके बाद सुबह दोबारा जब एसडीआरएफ की टीम तालाब में सर्चिंग करते हुए निराश हो रही थी, इसी बीच हेलावाड़ी में रहने वाले जुम्मा उर्फ इरफान और उसके साथ के 12 लोगों की टीम को बुलाया गया। कुशल तैराकों की इस टीम ने महज 10 मिनट के भीतर ही तालाब के किनारे गहरे हिस्से से बालिका का शव खोजकर बाहर निकाल लिया। इरफान और उसके दोस्तों की इसी टीम ने पिछले साल शिप्रा नदी से तीन पुलिसकर्मियों के शव तलाशने में भी पुलिस की मदद की थी।

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बंद कैमरे, सुरक्षा के इंतजाम नहीं
विष्णु सागर वाटिका अंकपात क्षेत्र में पिकनिक का बेहद पंसदीदा स्थान बन गया है। हर रोज यहां सैकड़ों परिवार आते हैं लेकिन यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। गुरुवार शाम जब पुलिस की टीम ने विष्णु सागर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगालने चाहे तो पता चला कि अधिकांश कैमरे बंद हैं। केवल एक कैमरे में बालिका अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए नजर आई। यहां लोगों को पानी में डूबने से बचाने के लिए किसी की तैनाती नहीं है। सुरक्षा संबंधी और जो उपाय होने चाहिए थे, उनके भी इंतजाम नहीं थे।

रातभर नहीं सो सकी दो थानों की टीम

विष्णु सागर वाटिका से ढाई साल की बच्ची के एकाएक लापता हो जाने और इस बच्ची के अपहरण की आशंका के बाद पुलिस ने मुस्तैदी से काम किया। सीएसपी पुष्पा प्रजापति और सीएसपी दीपिका शिंदे दोनों ही महिला अधिकारी पूरी रात नहीं सोए। चिमनगंज और जीवाजीगंज थाना प्रभारी और उनकी टीम के साथ पूरी रात लगभग हर एंगल से जांच जारी रखी। रात में जब तालाब में सर्चिंग का काम बंद हुआ इसके बाद पूरी टीम को विष्णु सागर से जुडऩे वाले लगभग हर मार्ग के हर एक सीसीटीवी के फुटेज खंगालने के काम पर लगा दिया गया था।

यह लापरवाही से हुई दुर्घटना है, यह स्पष्ट हो चुका है। संभवत: बच्ची खेलते हुए ही पानी में गिरी है। इस प्रकरण में अन्य तरह की सभी आशंकाएं निर्मूल साबित हुई हैं।।
– पुष्पा प्रजापति, सीएसपी, जीवाजीगंज

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