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शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया, खेला गरबा

चारभुजा नाथ की आरती कर खीर का भोग लगाया उज्जैन। चंद्रमा की शीतल चांदनी में गरबा रास के साथ श्री माहेश्वरी सभा उज्जैन के प्रगति महिला मंडल ने शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया। गोला मंडी स्थित माहेश्वरी भवन पर रविवार रात को कार्यक्रम हुआ।

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समाज की युवतियों एवं महिलाओं ने आकर्षक गरबा में नृत्यों की प्रस्तुतियां दी। वर्तमान में धर्म की स्थिति पर आंनद जाखोटिया ने समाजजनों को संबोधित किया। बालिकाओं में कुहू डांगरा, गार्गी हेड़ा, मिष्टी भूतड़ा ने नृत्य की प्रस्तुति दी। शीतल मूंदड़ा एवं रश्मि राठी ने बताया कि दूध एवं खिचड़ी का वितरण भी किया। मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना देवपुरा, सविता सोढ़ानी, आनंद जाखोटिया थे। संचालन अर्चना भूतड़ा ने किया। मुख्य संयोजक प्राची भूतड़ा, कीर्ति मंत्री थी।

 

औदीच्य ब्राह्मण समाज ने भी मनाया उत्सव

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उज्जैन। औदीच्य ब्राह्मण समाज ने शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया। महिलाओं के 12 ग्रुपों ने गरबों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी। समाज के वरिष्ठों का सम्मान किया गया। अतिथि के महेश ज्ञानी, उमाशंकर भट्ट, प्रवीण ठाकुर, मधुसूदन व्यास, प्रवीण पंड्या, प्रेमशंकर पंड्या थे। संचालन विजय जोशी ने किया व आभार पंकज जोशी ने माना।

शरद पूर्णिमा पर नि:शुल्क दमा रोग चिकित्सा शिविर आयोजित

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उज्जैन। शरद पूर्णिमा पर निशुल्क दमा रोग चिकित्सा शिविर इंदिरा नगर में आयोजित किया गया। आयुर्वेद शास्त्र की वर्षों पुरानी मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों से होनेवाली अमृत वर्षा के नीचे खुले आसमान में रखी औषधियुक्त खीर का सेवन दमा रोगियों को सुबह 4 बजे कराया। कर्णवेधन कर्म का अंतिम चरण पूर्ण किया। सुंदर कांड भी हुआ। आयोजनकर्ता डॉ. प्रकाश जोशी ने बताया कि शिविर में 700 रोगियों को औषधियुक्त खीर का वितरण किया। धनवंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. नृपेन्द्र मिश्र, डॉ. योगेश वाणे, डॉ. निरंजन सराफ एवं डॉ. राजेश उइके ने परामर्श सेवा प्रदान की। प्राचार्य डॉ. जे.पी. चौरसिया, छात्र-छात्राओं एवं लैब टेक्नीशियन अमित खंडेलवाल का सहयोग रहा।

तमसा तट के मंचन के साथ हुआ शरदोत्सव

उज्जैन। नार्मदीय ब्राह्मण समाज का दशहरा-मिलन एवं शरदोत्सव आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. बृजेश पारे थे। अध्यक्षता डॉ. महेशचन्द्र कानूनगो एवं विशेष अतिथि हरिशंकर शर्मा, पार्षद अशिमा गौरव सेंगर रहे। समाज अध्यक्ष मनोज शर्मा मंगलेश गीते, सचिव राजेन्द्र बिल्लोरे, विनीत गार्गव, लोकेन्द्र शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया। अक्षय चवरे के निर्देशन में उनके पिता शिवकुमार चवरे द्वारा लिखित हिंदी नाटक तमसा तट का मंचन किया गया। नाटक उत्तर रामायण पर आधारित था साथ ही समाज के कलाकारों द्वारा गीत-संगीत की रंगारंग प्रस्तुति दी।

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