शराब पार्टी में हिस्ट्रीशीटर ने दोस्त के दिल में उतारा चाकू

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आगर रोड स्थित ढांचा भवन उद्योगपुरी में रविवार शाम दोस्ती के रिश्ते का दर्दनाक अंत हो गया। कोतवाली क्षेत्र के एक कुख्यात बदमाश ने अपने ही पुराने साथी की शराब पार्टी के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी। हमला इतना घातक था कि चाकू सीधे युवक के दिल के पार हो गया, जिससे उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे ढांचा भवन क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए हत्यारोपी को देर रात घेराबंदी कर दबोच लिया है।
चिमनगंज थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया के मुताबिक, वारदात रविवार शाम करीब 4.30 बजे की है। बहादुरगंज का रहने वाला शेखर उर्फ टुंडा कहार और ढांचा भवन निवासी केवल कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके (40) आपस में गहरे दोस्त थे। दोनों अक्सर साथ में ही घूमते और शराबखोरी करते थे।
रविवार को भी वे उद्योगपुरी इलाके में चोरी-छिपे शराब पी रहे थे, तभी दो दिन पुराने किसी विवाद को लेकर उनके बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। बात गाली-गलौज से शुरू होकर हाथापाई तक जा पहुंची। इसी बीच गुस्से में आए शेखर टुंडा ने चाकू निकाला और केके की छाती पर जोरदार हमला कर दिया। हालांकि घाव बहुत बड़ा नहीं दिख रहा था, लेकिन चाकू सीधे दिल में धंसने के कारण केके ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
अपराध की दुनिया के पुराने साथी थे दोनों, कई वारदातों को साथ दिया था अंजाम
पुलिस की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मरने वाला और मारने वाला, दोनों ही पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं। मृतक केके के खिलाफ चिमनगंज थाने में 11 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे और वह वर्तमान में ऑटो चलाकर जीवनयापन कर रहा था। वहीं, शेखर टुंडा कोतवाली क्षेत्र का सूचीबद्ध बदमाश है।
ताज्जुब की बात यह है कि इन दोनों ने पूर्व में कई अपराधों को साथ मिलकर अंजाम दिया था, लेकिन रविवार को उसी अपराधी दोस्ती का अंत लहू बहाकर हुआ। पुलिस अब टुंडा से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी मददगार शामिल था। सोमवार सुबह केवल का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
चिमनगंज थाना क्षेत्र में चार दिनों में हत्या की तीसरी वारदात
चिमनगंज क्षेत्र में पिछले चार दिनों में हत्या का यह तीसरा मामला है। इससे पहले गुरुवार को आगर रोड शराब दुकान के बाहर बेगमबाग निवासी हिस्ट्रीशीटर भुरू उर्फ आरिफ की हत्या की गई थी। उस मामले में भी महज लिफ्ट न देने जैसे मामूली विवाद पर चाकूबाजी हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं उसके साथी लक्की और रेहान मंसूरी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। दूसरी घटना शनिवार को हुई जिसमें गांधी नगर आगर रोड के ई रिक्शा चालक राजेश पिता बालमुकुंद सिसौदिया (50) की लाश आगर रोड शराब की दुकान के पास उसकी ही रिक्शा में मिली थी। मृतक के शरीर के सिर और पीठ पर चोट के निशान मिले थे। हाथ की चमड़ी जली हुई थी, जिस आधार पर प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या के रूप में सामने आया है। यह घटना गुरुवार को हुए मर्डर के स्थान के नजदीक की ही है।









