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शारदीय नवरात्रि कल से प्रारंभ

नौ दिन माता की आराधना में लीन रहेंगे भक्त, गरबों की धूम मचेगी

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन रविवार, 15 अक्टूबर से शक्ति की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी। शहर के सभी देवी मंदिरों, सार्वजनिक पांडालों और घरों में शुभ मुहूर्त के साथ पूजा-अर्चना और आरती के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आरंभ होंगे। सभी देवी मंदिरों एवं सार्वजनिक पांडालों में स्थापित देवी प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगेगा। इसी के साथ पांडालों में गरबों के साथ माता की आराधना भी शुरू हो जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार इस वर्ष नवरात्रि लक्ष्मी योग, गजकेसरी योग, बुधादित्य योग, शश योग, भद्र योग के शुभ संयोगों के साथ अमृत वर्षा करने आ रही है। माता दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। नवरात्रि की शुरुआत अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को घट स्थापना के साथ होगी। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.48 से दोप. 12.36 बजे तक रहेगा। प्रात: सूर्योदय से दोपहर अभिजीत मुहूर्त तक कलश स्थापना की जा सकेगी। नवरात्रि पूरे नौ दिन की रहेगी। 24 अक्टूबर को जवारे विसर्जन के साथ नवरात्रि पर्व का समापन होगा। इसी दिन विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। नवरात्रि पर्व के लिए सभी देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी हो गई है। मंदिरों पर आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। जहां पूरे 9 दिन भक्ति का उल्लास रहेगा।

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मंदिरों में घट स्थापना

चौबीस खंबा माता

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पुजारी संजय मालवीय ने बताया कि मंदिर में घट स्थापना ( कलश स्थापना) शाम 7 बजे की जाएगी। इसके पश्चात आरती होगी। मंदिर में प्रतिष्ठित महालया व महामाया माता की प्रतिदिन आरती सुबह 7.30 बजे व शाम को 7 बजे होगी। महाअष्टमी पर मंदिर से नगरपूजाकी शुरुआत होगी। सुबह शासकीय पूजा में माता को मदिरा एवं भजिए, पूरी व चने आदि का बड़वाकल का भोग लगाया जाएगा।

हरसिद्धि मंदिर

पुजारी महंत राजू गुरु ने बताया कि मंदिर में घट स्थापना सुबह 7.30 बजे होगी। घट स्थापना के पश्चात सुबह 9 बजे आरती की जाएगी। प्रतिदिन संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। नवरात्रि के इन 9 दिन माता की शयन आरती नही होगी। अखंड ज्योत जलेगी एवं प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। महाष्टमी को दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजन-आरती व हवन होगा। महानवमी पर मध्यरात्रि माताजी की बाड़ी शिप्रा तट जाएंगी एवं जवारे विसर्जन किए जाएंगे
चौसठ योगिनी माता- मंदिर के पुजारी पंडित मनीष व्यास ने बताया कि घट स्थापना परंपरानुसार अमावस्या की मध्यरात्रि के पश्चात होगी। प्रतिदिन अखंड ज्योत जलेगी एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। आरती प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे और शाम को 7.30 बजे होगी। अष्टमी की रात्रि सामूहिक हवन होगा।

बिजासन माता

पुजारी पंडित विजय त्रिवेदी के अनुसार 400 साल पुराने मंदिर में सुबह प्रथम मुहूर्त में घट स्थापना होगी। अखंड ज्योत जलाई जाएगी और प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। अष्टमी की मध्यरात्रि व नवमी की सुबह हवन किया जाएगा। नवमी की शाम को जवारे विसर्जित किए जाएंगे।

संतोषी माता मंदिर

पुजारी मनोज गुरु गोस्वामी ने बताया कि प्रात: 9 बजे घट स्थापना की जाएगी। मंदिर में प्रतिदिन अखंड ज्योत जलेगी एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ पूरे 9 दिन किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 8 बजे व शाम 7 बजे माता की आरती होगी। अष्टमी पर हवन किया जाएगा।

दीपमालिकाओं से फैलेगा भक्ति का उजियारा…

शहर के चार मंदिरों में नवरात्रि के दौरान दीपमालिका जगमग दीपों से जगमगाएगी और भक्ति का प्रकाश फैलेगा। उज्जैन के प्राचीन चार मंदिरों में दीपमालिका स्तंभ स्थापित हैं। प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर शक्तिपीठ में तो दीपमालिका प्रज्जवलन के लिए भक्तों को लंबी प्रतीक्षा करना होती है। यहां इसके लिए नवरात्रि के पूर्व अग्रिम बुकिंग की जाती है।

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