Advertisement

इस हफ्ते सोना-चांदी हुए सस्ते, चांदी ₹14,326 और सोना ₹6,438 तक टूटा

सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इस सप्ताह दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में एक सप्ताह के दौरान 6,438 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। वहीं चांदी भी 14,326 रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो गई है।

Advertisement

एक हफ्ते में कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?

IBJA के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 6 जून को 1.54 लाख रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर करीब 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यानी सिर्फ सात दिनों में सोने की कीमत में 6,438 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं चांदी की बात करें तो पिछले सप्ताह इसका भाव 2.57 लाख रुपए प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर 2.43 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गया है। इस तरह चांदी की कीमत में 14,326 रुपए प्रति किलो की कमी आई है।

Advertisement

ऑल टाइम हाई से करीब ₹28 हजार सस्ता हुआ सोना

साल 2026 की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद कीमतों में तेजी आई और 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि इसके बाद बाजार में गिरावट का दौर शुरू हुआ और अब सोने का भाव अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 28 हजार रुपए नीचे आ चुका है।

Advertisement

चांदी भी रिकॉर्ड स्तर से ₹1.43 लाख सस्ती

चांदी में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलोग्राम था। इसके बाद तेजी का सिलसिला जारी रहा और 29 जनवरी 2026 को यह 3.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी में भारी गिरावट दर्ज हुई है। पिछले 135 दिनों में इसकी कीमत करीब 1.43 लाख रुपए प्रति किलो तक कम हो चुकी है।

जंग के माहौल में भी क्यों गिर रहे हैं दाम?

आमतौर पर वैश्विक तनाव, युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है।

निवेशक कैश को दे रहे प्राथमिकता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच कई निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए सोना-चांदी बेचकर नकदी जुटा रहे हैं। उनका मानना है कि अनिश्चित परिस्थितियों में हाथ में कैश रखना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

इस वजह से बाजार में सोने और चांदी की बिक्री बढ़ी है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

रिकॉर्ड तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग

विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। ऐसे में बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचकर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया।

बाजार में सप्लाई बढ़ने से मांग और आपूर्ति का संतुलन बदला और कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

आगे क्या रह सकता है रुख?

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक हालात, अमेरिकी ब्याज दरों के फैसले, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता आने वाले समय में सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे।

फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन रिकॉर्ड स्तर से आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर खरीदारी के अवसर भी प्रदान कर सकते हैं, हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति का आकलन करना जरूरी होगा।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें