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उज्जैन से चार मैदान में, 23 पदों पर घमासान, पिछली बार मेहता बने थे

राज्य अधिवक्ता परिषद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव कल, 121 प्रत्याशी मैदान में आजमा रहे किस्मत…

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सदस्य बनने के लिए 3780 वोट लाना रहेगा जरूरी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। राज्य अधिवक्ता परिषद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव मंगलवार को होंगे। 23 पदों के लिए 121 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से चार उज्जैन से दम भर रहे हैं। पिछली बार प्रताप मेहता चुने गए थे।

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राज्य अधिवक्ता परिषद में यूं तो बड़े शहरों का कब्जा रहता है। इसकी वजह मतदाताओं की संख्या है। जबलपुर में करीब 15 हजार, ग्वालियर में 12  हजार, भोपाल में 11 हजार और इंदौर में 8 हजार अधिवक्ता हैं। सदस्य बनने के लिए 3780 वोट लाना जरूरी होते हैं और यहां तक पहुंचना छोटे शहरों के उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं होता। फिर भी उज्जैन बॉर के 2368 और उज्जैन जिले की तहसीलों के 1250 वोटर के बूते शहर के चार प्रत्याशियों ने भी पूरी ताकत से मैदान संभाल रखा है। पूरा प्रदेश नापने के बाद अब इनकी निगाह मंगलवार को होने वाले मतदान पर है। उज्जैन बार में सुबह १० से ४ बजे तक वोटिंग होगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पद

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राज्य अधिवक्ता परिषद में कुल २५ सदस्य होते हैं। इनमें पांच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं। दो सदस्य नॉमिनेट किए जाते हैं। वकीलों की राज्य की सबसे बड़ी संस्था के पास वित्तीय अधिकार होते हैं। इसमें आर्थिक मदद सबसे खास होती है। परिषद सदस्य वकीलों को बीमारी या आकास्मिक स्थिति में दस्तावेजों के आधार पर बड़ा लाभ पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही अधिवक्ताओं की लीगल समस्या और सुविधाओं पर भी परिषद का फोकस रहता है।

एलपी भार्गव के समय चुने जाते थे चार-चार सदस्य

सीनियर लॉयर एलपी भार्गव के जमाने में उज्जैन से चार-चार सदस्य चुने जाते थे। वह वोटिंग पैटर्न इस तरह सेट करते थे कि उज्जैन के उम्मीदवारों को फायदा होता था। इस जानी-मानी संस्था के एलपी भार्गव, बालकृष्ण उपाध्याय, नारायण प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, कुलदीप भार्गव और रामचंद्र पांडे सदस्य रह चुके हैं।

यह लगा रहे हैं पूरी ताकत

सुरेंद्र चतुर्वेदी- सीनियर अभिभाषक हैं। तीन बार मंडल अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। पहली बार परिषद चुनाव लड़ रहे हैं।

संदीप मेहता- अभिभाषक हैं। पूर्व राज्य अधिवक्ता परिषद सदस्य प्रताप मेहता के पुत्र हैं। पहली बार ही कोई चुनाव लड़ रहे हैं।

अतुल रैना सीनियर- अभिभाषक हैं। एक बार मंडल अभिभाषक संघ अध्यक्ष रह चुके हैं। पहली बार राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव में मैदान में हैं।

आशीष उपाध्याय- दिवंगत सीनियर अभिभाषक बालकृष्ण उपाध्याय के पुत्र हैं। दूसरी बार राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव लड़ रहे हैं।

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