कंठाल चौराहा-सतीगेट मार्ग चौड़ीकरण के दो रंग: सतीगेट मंदिर का बंद दरवाजा मिला, ७० साल पुराना बरगद गिरा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा- सती गेट मार्ग चौड़ीकरण में शनिवार को दो रंग दिखाई दिए। तोडफ़ोड़ में दीवार हटाने से सती मंदिर जाने के लिए एक और दरवाजा मिला। इस दरवाजे को दीवार बनाकर ढंक दिया गया था। इसी तरह चौड़ीकरण के दौरान ही गणेश मंदिर के सामने स्थित 70 साल पुराने बरगद ने अचानक जड़ छोड़ दी। काम कर रहे दो मजदूरों और राहगीरों ने भागकर जान बचाई, अन्यथा जान जा सकती थी।
यूं मिला दरवाजा
दरअसल महापौर मुकेश टटवाल चौड़ीकरण काम देखने निकले थे। इस दौरान वह सती मंदिर के पास पहुंचे थे। मंदिर के पास स्थित भवन की दीवार हटाई गई है। इसके हटने के साथ ही मंदिर जाने वाला दरवाजा भी दिखाई दिया। महापौर ने अफसरों से कहा कि द्वार को मूल स्वरूप में लाया जाए। ताकि जनता को इसकी ऐतिहासिकता का पता चल सके।
जेसीबी का पंजा लगा, पेड़ गिरा
शनिवार को ही चौड़ीकरण के दौरान शहनाई साड़ी सेंटर के पास स्थित 70 साल पुराना बरगद का पेड़ भी गिर गया। दरअसल यहां व्यापारी दुकान और मकान पीछे शिफ्ट कर रहे हंै। इस काम में लगी जेसीबी दीवार गिरा रही थी, इसी दौरान टल्ला लगने से भारी-भरकम पेड़ गिर गया।
दूसरे पेड़ से अब भी खतरा
धराशायी पेड़ के ठीक पास ही दूसरा बरगद वृक्ष भी है। पहले पेड़ के गिरने के बाद दूसरे पेड़ की जड़ें भी कमजोर हो गई हैं और वह भी गिरने की स्थिति में है। जोन-३ के अध्यक्ष सुशील श्रीवास ने कहा कि दूसरे पेड़ की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके निर्देश दे दिए हैं।









