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कथावाचक के साथ आया शिष्य नदी में डूबा, सुबह परिजन अस्पताल पहुंचे…

अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:महाराष्ट्र के कथावाचक के साथ महाकाल दर्शन करने उज्जैन आया शिष्य शिप्रा नदी के रामघाट पर पानी में डूब गया। उसे बचाने के लिए साथ में मौजूद दो शिष्य नदी में कूदे तो वे भी डूबने लगे।

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शोर सुनकर घाट पर मौजूद होमगार्ड जवान ने नदी में गोता लगाकर दो शिष्यों को बचा लिया लेकिन एक शिष्य नदी में डूब चुका था। कुछ देर बाद गोताखोरों ने उसे नदी में तलाश कर बाहर निकाला। शिष्य को अचेत अवस्था में देखकर आचार्य कथावाचक की तबीयत खराब हो गई।

महाराष्ट्र के अहमदनगर से में गोविंद धाम आश्रम के आचार्य कथावाचक युगलशरण महाराज तीन शिष्यों और आश्रम से जुड़ी चार महिलाओं के साथ 2 अक्टूबर को उज्जैन के 84 महादेव एवं महाकाल दर्शन के लिए लिए उज्जैन आए थे। गुरुवार को दर्शन यात्रा पूर्ण हो गई थी। इसके बाद वे शिप्रा नदी में पुण्य की डूबकी लगाने के लिए गए थे। इसी दौरान शिष्य वैष्णवदास उर्फ धीरज का पैर फि सल गया और वो नदी में डूबने लगा।

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उसे तैरना नहीं आता था, उसे डूबता देख बचाने के लिए दूसरे शिष्य सचिन और कृष्णा ने नदी में छलांग लगा दी। लेकिन वे दोनों भी डूबने लगे। लोगों का शोर सुनकर घाट पर तैनात होमगार्ड सैनिक और गोताखोर पहुंचे। उन्होंने सचिन और कृष्णा को तो डूबने से बचा लिया लेकिन धीरज नदी में समा चुका था।

कुछ देर बाद गोताखोरों ने उसे नदी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर्स ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान कथावाचक आचार्य की तबीयत खराब हो गई तो उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। पुलिस पंचनामा बनाकर मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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