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कोरोना की चाहे कोई सी भी लहर आ जाए धर्म की लहर से इसे टाला जा सकता है: आचार्यश्री

उज्जैन। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बारे में रोज सुन व देख रहे हैं। ऐसी चाहे जितनी लहर आ जाए इसे केवल धर्म की लहर से ही रोका व टाला जा सकता है। जब विज्ञान भी जवाब दे दे तो वहां फिर धर्म से ही बात बनती है। ये सब स्थितियां कर्म सत्ता के कारण उत्पन्न होती है लेकिन इस पर किसी का जोर चलता है तो वह धर्म सत्ता है। चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है इसमे हम धर्म आराधना व तपस्या में लीन होकर आत्मा का उद्धार कर सकते है। यह उद्गार मालव मार्तंड आचार्य मुक्तिसागर सूरी जी महाराज ने खाराकुआं स्थित श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढी मंदिर उपाश्रय में व्यक्त किए। इसके पूर्व शुक्रवार सुबह 9 बजे घी मंडी स्थित कांच के जैन मंदिर से आचार्यश्री की निश्रा में प.पू. साध्वी शशिप्रभा श्रीजी मसा व प.पू. साध्वी दमिताश्रीजी मसा आदि ठाणा का बैंड बाजे के साथ चातुर्मासिक मंगल प्रवेश जूलूस निकला। श्वेतांबर जैन समाज के चातुर्मास 23 जुलाई से शुरु हो रहे हंै। इसके पहले चातुर्मासिक मंगल प्रवेश का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में खाराकुंआं पेढी मंदिर पर होने वाले चातुर्मास के लिए साध्वी मंडल का मंगल प्रवेष हुआ। जो विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंचा। 18 जुलाई को सुबह 9 बजे तीर्थ के समीप स्थित वर्धमान पेट्रोल पंप से उनका प्रवेश जूलस निकलेगा।

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