Advertisement

फंसे भारतीयों का फ्लाइट से अपने वतन पहुंचना शुरू, परिवार में खुशियां लौटी

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद की, संकट गहराया

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

तेल अवीव/तेहरान। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के चौथे दिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने दुनिया की तेल आपूर्ति महत्वपूर्ण शिपिंग रुट, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया का तेल का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। इसके बंद होने से भारत सहित कई देशों में संकट गहराने की आशंका है।

आईआरजीसी के एक अधिकारी ने ईरान के सरकारी टीवी पर कहा कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है। भारत का करीब 50 प्रतिशत तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है।

Advertisement

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि ईरानी अधिकारियों के बयानों के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है। सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के विरोध भारत का शिया समुदाय लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। जम्मू-कश्मीर का श्रीनगर और पुंछ आज लगातार दूसरे दिन बंद है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर पिछले 48 घंटों में खाड़ी देशों के कई प्रमुखों से बात की। इधर, सोमवार देर रात से खाड़ी में फंसे भारतीयों को निकालने का काम शुरू हो गया। 4 फ्लाइट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पहुंचीं। फंसे भारतीयों ने देश लौटकर राहत की सांस ली।

केरल: आज भी कई फ्लाइट कैंसिल

Advertisement

केरल के कोच्चि में कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज भी कई इंटरनेशनल फ्लाइट कैंसिल हैं। इजराइल-ईरान जंग के कारण बीते 4 दिनों में सैकड़ों फ्लाइट कैंसिल
हुई हैं।

पुंछ में बाजार बंद, सुरक्षाबल तैनात
जम्मू-कश्मीर ने पुंछ में अहले सुन्नत और इस्लामिक संगठनों ने बंद बुलाया है। यहां पर बाजार बंद हैं। बस सेवा बंद है। सभी जगह सुरक्षबलों की तैनाती है।

ईरान के 500 साल पुराने महल पर इजराइल का हमला

इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया, लेकिन वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। गोलिस्तान पैलेस को 16वीं सदी में सफवीद दौर बनाया गया था। यह महल लंबे समय तक ईरान के राजाओं का घर और सत्ता का मुख्य केंद्र रहा। आज यह एक बड़ा पर्यटन स्थल है और साल 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया था।

ईरान में 742 की मौत
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान 2000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं। इनमें अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 176 बच्चे हैं। 750 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

रियाद: ड्रोन से हमला
सऊदी अरब ने बताया है कि रियाद और पास के शहर अल-खारज की ओर आ रहे 8 ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन हमले को समय रहते रोक दिया गया। मंगलवार सुबह रियाद में अमेरिकी दूतावास पर भी दो ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले में एक इमारत में आग लग गई।

अमेरिका ने स्टाफ हटाया
अमेरिका ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में काम करने वाले गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार को निकल जाने का आदेश दिया है। यह फैसला सुरक्षा खतरे के कारण लिया गया है। जॉर्डन और बहरीन में ईरान से ड्रोन और मिसाइल हमले का खतरा है। इराक में हिंसा और अपहरण का भी बड़ा खतरा है।

Related Articles

Write a review