महाकालेश्वर मंदिर में बेसन लड्डू प्रसाद बनाने वाले हलवाई ने काम बंद कर दिया

ज्यादा घी मिलाने पर समिति ने आपत्ति ली तो काम छोड़ा, अब केएसएस कर्मचारी बनाएंगे प्रसादी लड्डू

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के बेसन लड्डू बनाने वाले हलवाई ने काम बंद कर दिया है। अब केएसएस कंपनी द्वारा तैनात हलवाई यहां लड्डू बनाने का काम करेंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के बेसन, शुद्ध घी व ड्राय फ्रूट्स से बने लड्डू प्रसाद देशभर में प्रसिद्ध हैं। लड्डुओं का निर्माण मंदिर समिति करवाती है। इसके लिए रॉ मटेरियल मंदिर समिति खरीदकर देती है और बनाने का काम हलवाई करते हैं। लड्डू का निर्माण चिंतामण गणेश मंदिर स्थित लड्डू निर्माण इकाई में होता है। लड्डू बनाने का काम बरसों से निखिल सोलंकी करते आए हैं। इनके पहले निखिल के पिता लड्डू बनाते आए हैं। इनकी टीम में करीब 30 सदस्य थे। इन लोगों ने बुधवार से अचानक काम बंद कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि भुगतान में आपत्ति के कारण रुपए काटने के कारण सोलंकी की टीम ने यह निर्णय लिया है।
मंदिर समिति ने बनाई वैकल्पिक व्यवस्था
इस घटना के बाद मंदिर समिति ने तुरंत एक्शन लेते हुए अन्नक्षेत्र स्थित रागी लड्डू यूनिट में तैनात अतिरिक्त 30 कर्मचारियों को चिंतामन लड्डू यूनिट में बेसन लड्डू बनाने में लगा दिया। दिन में कुछ घंटे काम बंद रहने के बाद शाम से यहां पुन: लड्डू निर्माण शुरू हो गया।
मेहनताना काटने से पनपी नाराजगी
मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि बेसन लड्डू में घी ज्यादा मिलाने की शिकायत लगातार आ रही थी। घी ज्यादा मिलाने पर उसमें शकर बूरा भी अतिरिक्त लगता था। कई बार उन्हें समझाया। सामग्री का उपयोग अधिक होने पर ऑडिट आपत्ति आने लगी, इस कारण निर्माणकर्ता के बिल से रुपए (मेहनताना) काटे गए। यह निर्णय उन्हें पसंद नहीं आया। यादव ने बताया कि अब मंदिर समिति द्वारा आउटसोर्स के लिए अनुबंधित केएसएस कंपनी कर्मचारी तैनात कर लड्डू निर्माण करेगी।
अन्नक्षेत्र नई व्यवस्था : 1 लाख में 10 हजार को भोजन, महाकाल को लगा सकेंगे भोग
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में दानदाताओं के लिए मंदिर समिति नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसके तहत कोई भी दानदाता अपने मनचाहे दिन 1 लाख १ हजार रुपए में पूरे दिन अपनी ओर से भोजन करवा सकता है। साथ ही उस दिन उसे भगवान महाकाल को भोग अर्पित करने का मौका भी मिलेगा।
नए भवन मेें आने के बाद अन्नक्षेत्र में इन दिनों दोनों वक्त करीब 10 हजार लोग भोजन करते हैं। इसमें सब्जी, रोटी, चावल, एक मीठा आदि भरपेट मिलता है। पहले अन्नक्षेत्र में करीब 2 से ढाई हजार लोग भोजन करते थे, उस वक्त यह सुविधा 25 हजार रुपए में थी। अब नई व्यवस्था के तहत दोनों वक्त का भोजन 1 लाख 1 हजार, एक समय का भोजन 51 हजार, दोनों वक्त का सिर्फ मीठा प्रसाद 21 हजार रुपए में करवा सकता है।
ऑनलाइन रहेगी बुकिंग व्यवस्था
नई बुकिंग व्यवस्था ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी रहेगी। ऐसे में देश-विदेश में बैठा व्यक्ति ऑनलाइन बुकिंग के जरिए भी अपने पसंदीदा दिन अन्नदान का लाभ उठा सकता है। उस दिन किसी और की बुकिंग नहंी होना चाहिए। मंदिर समिति की साइट पर अगले दो साल तक के लिए अन्नदान की बुकिंग होगी। मान लो पसंदीदा दिन इस साल खाली नहीं है तो वो उसे अगले साल के लिए भी बुक करा सकता है।
बाबा को भोग लगाने की सुविधा: दोनों वक्त का भोजन बुक कराने वाले व्यक्ति को परिवार सहित (5 सदस्य) भगवान महाकाल को भोजन अर्पित करने का मौका मिलेगा। सुबह 11 बजे प्रतिदिन अन्नक्षेत्र से भगवान को भोग थाली जाती है। यह थाली दानदाता अपने परिवार के साथ जाकर भगवान महाकाल को अर्पित कर सकेगा।
लोगों को सुविधा मिलेगी
अन्नक्षेत्र के लिए नई ऑनलाइन व्यवस्था 4 मई से प्रारंभ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने पसंदीदा दिन अन्नदान करने में सुविधा होगी। इसके अलावा दानदाताओं के लिए दूसरे माध्यम यथावत हैं। अगर कोई ५ रुपए या खाद्य सामग्री भी दान करता है तो उसके लिए भी अन्नक्षेत्र में सुविधा है। नई व्यवस्था सिर्फ पूरे दिन भोजन का जिम्मा उठाने वालों के लिए है।
सिम्मी यादव, उप प्रशासक, श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति









