रिपोर्ट- ईरान को 25 लाख करोड़ रुपए रीकंस्ट्रक्शन फंड मिलेगा

परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते की शर्तों के साथ समझौता अंतिम दौर में है। इसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान को 300 अरब डॉलर यानी करीब 25 लाख करोड़ रुपए के फंड और अमेरिकी कंपनियों के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने इसे रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम बताया। उन्होंने कहा कि अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होने पर ईरान को यह आर्थिक मदद देने का वादा किया जाएगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि दोनों पक्ष परमाणु कार्यक्रम पर सहमति के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सहमति बन रही है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने इस दावे को खारिज कर कहा कि परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो रही है।
ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा : ट्रंप
ट्रम्प ने कहा कि संभावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा। अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का टोल नहीं लगेगा।
होर्मुज टोल पर अमेरिका की ओमान को चेतावनी
अमेरिका ने कहा कि अगर ओमान ने ईरान की टोल वसूली व्यवस्था का साथ दिया, तो शामिल देशों, कंपनियों और लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।









