समिति बनाए बगैर ही हैंडओवर कर लिए 17 उपस्वास्थ्य केंद्र भवन

जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक में सदस्य ने उठाया मुद्दा, अन्य सदस्य ने भ्रष्टाचारी लिपिक को ही अधिकार सौंपने की शिकायत की
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 17 उपस्वास्थ्य केंद्र की समिति ही नहीं बनी है और भवनों को हैंडओवर कर लिया गया। एक वर्ष से संचालित हो रहे उपस्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए बैड नहीं है। खाचरौद के 20 उपस्वास्थ्य केंद्रों की बाउंड्रीवाल भी नहीं बनाई है। शुक्रवार को हुई जिला पंचायत की साधारण सभा में जिपं सदस्य राधा मालवीय ने यह मुद्दा उठाया तो अन्य सदस्य भी भड़क गए।
श्यामसिंह चौहान ने कहा मलेरिया विभाग के यूडीसी को इतने अधिकार दे दिए हैं कि अधिकारियों की तरह आदेश निकाल रहा है जबकि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की दस पेज की शिकायत की गई है जो जांच में है। दोनों मामलों में सीईओ श्रेयांस कुमट ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे जिपं अध्यक्ष कमलाकुंवर अंतरसिंह देवड़ा की अध्यक्षता में शुरू हुई साधारण सभा शाम 4:20 बजे तक चली। उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर सहित अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
अस्पताल के बाहर से ही कर देते हैं रैफर
जिला पंचायत सदस्य कृष्णा सूर्यवंशी ने बताया झारड़ा में प्रसूता महिलाओं को इलाज नहीं मिल रहा। रैफर कर देते हैं। अन्य सदस्य ने नरवर सामुदायिक केंद्र में पदस्थ कर्मचारी गायब रहने की शिकायत की।
नल जल में ही जोड़ दी जल जीवन की पाइप लाइन
सदस्य राधा मालवीय ने बताया अजीमाबाद पारदी और पिपलौदा बागला में नलजल योजना में ही जल जीवन की पाइप लाइन जोड़ दी, पिपलिया मोलू में स्टैंड और कनेक्शन नहीं दिए। श्यामसिंह जिगर ने बताया उनके क्षेत्र में रात को जल प्रदाय होता है। रामप्रसाद पंड्या ने बताया हैंडपंप में लगी मोटर गायब हो गई है। एक टैंकर मिला था वह भी नहीं दिख रहा है। सीईओ ने जांच के आदेश देते हुए कहा ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संचालन संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतें निभाएंगी।
अतिथि शिक्षकों का पद होल्ड किया
जिपं सदस्य राधा मालवीय ने कन्या हासे स्कूल खाचरौद, रूनखेड़ा सहित अन्य स्कूलों का उदाहरण देते हुए बताया कि अतिथि शिक्षकों का पद होल्ड किया गया है जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। गणित, विज्ञान के शिक्षक और प्राचार्य को बीएलओ बना दिया है। इसपर जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने बताया बीएलओ बनाने में सहमति नहीं ली जाती। इसपर सीईओ ने एसडीएम को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
प्रतिबंध लगाया तो विधायक प्रतिनिधि बनकर आ गए
बैठक मेें महिला सदस्यों के स्थान प्रतिनिधि के रूप में परिजन के शामिल होने पर प्रतिबंध था। महिला सदस्य रतनबाई मंडोवरा के स्थान पर उनके पुत्र जितेंद्र मंडोवरा विधायक प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए। हेमलता कुंवर के पति बालूसिंह बैठक में आए थे, थोड़ी देर बाद चले गए। जिला पंचायत में १० महिला सदस्य हैं। बैठक में अध्यक्ष कमलाकुंवर सहित 6 महिला सदस्य शामिल हुईं। शेष 4 महिला सदस्य खाचरौद से राधिका महेंद्र, शारदा राकेश, तराना से अजिता परमार, महिदपुर से दलजीत कौर अनुपस्थित रहीं।









