लोकसभा में बोले पीएम मोदी….’परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, ये मेरी गारंटी-मेरा वादा

नई दिल्ली|लोकसभा में परिसीमन (Delimitation) को लेकर चल रही चर्चा के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सदन में स्पष्ट और सख्त संदेश दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय बताते हुए सभी राज्यों को समान रूप से आश्वस्त किया।

“ये मेरी गारंटी और मेरा वादा है”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिसीमन को लेकर कुछ राज्यों में आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं, लेकिन ऐसी किसी भी आशंका का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत पूरी तरह स्पष्ट है और यह प्रक्रिया पूरी तरह संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्ष रूप से की जाएगी।पीएम मोदी ने कहा, “परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है, मेरा वादा है।”
लोकतंत्र को मजबूत करने पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए जरूरी होती है, ताकि सभी क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
राज्यों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य के राजनीतिक या प्रशासनिक हितों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत एक संघीय ढांचा है और सभी राज्यों का विकास केंद्र की प्राथमिकता है। परिसीमन केवल तकनीकी और संवैधानिक प्रक्रिया है, न कि किसी को कमजोर या मजबूत करने का माध्यम।
भ्रम से बचने की अपील
पीएम मोदी ने विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों से अपील की कि इस विषय पर अनावश्यक भ्रम न फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर जनता में विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।









