सड़कों पर दिखें बरगद-नीम की छांव चेंबर का लेवल हो सड़क के समान…

इंदौर रोड से गोपाल मंदिर तक एसीएस ने परखी विकास की रफ्तार…
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नैवेद्य लोक और गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स में पार्किंग पर फोकस
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ तक सड़कों पर नीम, बरगद जैसे घने छायादार वृक्षों की छांव दिखना चाहिए। निर्माण कार्य में स्पीड के साथ क्वालिटी भी चाहिए। मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने सोमवार को उज्जैन का दौरा कर सिंहस्थ के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में केवल गति ही नहीं, बल्कि क्वालिटी (गुणवत्ता) सबसे ऊपर होनी चाहिए। श्री दुबे ने शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया।
डी-मार्ट के सामने (इंदौर रोड)-यहाँ निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर उन्होंने समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। शांति पैलेस से नानाखेड़ा (फोरलेन)-एसीएस ने निर्देश दिए कि इस मार्ग पर हरियाली के लिए बरगद, पीपल और नीम जैसे विशाल छायादार पौधे लगाए जाएं, ताकि भविष्य में राहगीरों को कड़ी धूप में राहत मिल सके।
कोयला फाटक से कंठाल- यहाँ सड़क निर्माण देख रहे अधिकारियों को उन्होंने हिदायत दी कि सीवेज चेंबर का लेवल सड़क के बराबर रखा जाए। चेंबर ऊंचे-नीचे होने से वाहन चालकों को होने वाली परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नैवेद्य लोक (नानाखेड़ा)-यहाँ दुकानों और पार्किंग व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने कहा कि आवंटन के बाद यह सुनिश्चित करें कि दुकानदार सड़कों पर सामान न फैलाएं, जिससे यातायात बाधित हो।
गोपाल मंदिर क्षेत्र- यहाँ बन रहे नए कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के दौरान उन्होंने एंट्री और एग्जिट गेट अलग-अलग रखने के निर्देश दिए। चूंकि यह व्यावसायिक क्षेत्र है, इसलिए यहाँ सुव्यवस्थित पार्किंग अनिवार्य है।
इंजीनियरिंग और प्लानिंग पर जोर
निरीक्षण के दौरान श्री दुबे ने तकनीकी बारीकियों पर भी ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि वाटर सप्लाई लाइन और सीवेज लाइन के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए ताकि लीकेज की स्थिति में पानी दूषित न हो। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि एक बार बनी सड़क को बार-बार खोदना न पड़े। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्मार्ट सिटी और यूडीए सीईओ संदीप सोनी भी साथ थे।
विकास कार्यों की लाइव समीक्षा
एसीएस ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम वेबसाइट के माध्यम से निर्माणाधीन कार्यों की लाइव समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट और यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कहा-सिंहस्थ के पहले हरा-भरा होगा पंचक्रोशी मार्ग
>> वर्षा ऋतु से ही शुरू होगा मिशन प्लांटेशन
>> पार्किंग के पास बनेंगे हाईटेक शौचालय
>> वन विभाग अधिकारी तैयार करेंगे ग्रीन प्लान
उज्जैन। सोमवार को प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने स्पष्ट किया कि इस बार का सिंहस्थ न केवल भव्य होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की मिसाल भी पेश करेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे आयोजन को जीरो वेस्ट और जीरो प्रदूषण की थीम पर केंद्रित किया जाए। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि उज्जैन का सिंहस्थ अन्य कुंभ मेलों से अलग और विशिष्ट होना चाहिए। उन्होंने शहर की आर्थिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार के नवाचार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु यहाँ से एक सुखद अनुभव लेकर लौटें।
एसीएस ने कहा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों के समीप आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा। शौचालयों के रखरखाव के लिए अर्बन क्लैप जैसे निजी क्षेत्रों और शहरी/ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। सेवाएं देने वाले कर्मियों, प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। सुविधाओं के संचालन के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाए ताकि व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें। बैठक में उन्होंने कहा सिंहस्थ के तहत बनने वाले मार्गों में पेयजल की पाइपलाइन हमेशा सीवर लाइन के ऊपर होनी चाहिए। सभी विभाग समन्वय के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करें।
प्रमुख मार्ग होंगे ग्रीन कॉरिडोर वन विभाग संभालेगा कमान
बैठक में पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए एसीएस ने बड़े निर्णय लिए।
छायादार रोपण: सिंहस्थ के सभी प्रमुख मार्गों और कैरिज-वे पर छायादार व फूलदार पौधे लगाए जाएंगे।
पंचक्रोशी मार्ग: इस वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान पूरे पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधारोपण किया जाएगा।
विशेष नियुक्ति: सिंहस्थ से पहले उज्जैन में वन विभाग के विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो प्लांटेशन की पूरी कार्ययोजना तैयार करेंगे।










