सीएम अचानक पहुंचे खरगोन-शाजापुर उपार्जन केंद्र की व्यवस्था देखी, चर्चा की

एक दिन पहले ही डॉ. यादव ने कहा था- कहीं भी पहुंच सकता हूं, दूसरे ही दिन कर भी दिखाया

अक्षरविश्व न्यूज|भोपाल/खरगोन। किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को जो कहा था वह गुरुवार को कर भी दिखाया। उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं और, हुआ भी यही। वे आज सुबह पहले अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र में निरीक्षण के लिए पहुंचे।
इसके बाद उनका हेलिकॉप्टर शाजापुर जिले के सुंदरसी में उतर गया। यहां उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में 29 अप्रैल को रात्रि विश्राम किया था। गुरुवार को अचानक उपार्जन केंद्रों का मुआयना करने निकल पड़े।
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है।
सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है।
गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए हैं।
प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।









