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स्पेशल सीरीज के नोट बेचने के नाम पर नेपाली युवक से सवा 3 लाख रुपए की ठगी

लेनदेन में उपयोग किए बैंक खाते दूसरे प्रदेश के

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उज्जैन। स्पेशल नोट की सेल के झांसे में आकर एक युवक ने अपनी जमापूंजी से सवा तीन लाख रुपए गंवा दिए। सोशल मीडिया पर उसे सेल की जानकारी मिली थी और रातों-रात लखपति बनने का सपना उसे ले डूबा। इंदौर रोड के एक निजी होटल में कर्मचारी नेपाल (अघाखंची, लुम्बनी) निवासी मोहन श्रेष्ठा (पिता लीलाप्रसाद) को सीरियल नंबर 786 की सीरीज वाले नोटों के कलेक्शन का शौक है। मोहन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था, जिसमें 786 सीरीज वाले नोटों के बदले लाखों रुपये देने का दावा किया गया था।

विज्ञापन देखकर मोहन ने अपने पास मौजूद नोटों की फोटो विज्ञापन में दिए गए नंबर पर भेजी। ठगों ने नोटों को दुर्लभ बताकर उन्हें लाखों रुपये दिलवाने का भरोसा दिया और रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 28 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3.25 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम लेने के बाद जब आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आने लगे, तब मोहन को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने पहले ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तीन महीने तक कोई समाधान नहीं होने पर मामला पुलिस थाने पहुंचा। नानाखेड़ा टीआई नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि ठगी में उपयोग किए गए बैंक खाते अन्य प्रदेशों से जुड़े हैं। मामले की जांच की जा रही है।

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मकान के नाम पर 26 लाख की धोखाधड़ी
उज्जैन। तीन साल पहले मकान का सौदा कर एडवांस ले लिया और अब वही मकान दूसरे को बेचने की तैयारी की जा रही थी। फरियादी विशाल पिता किशोर शर्मा निवासी कार्तिक चौक ने माधवनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उसने 2023 में एके बिल्डिंग निवासी अर्चना पति राजकुमार तिवारी से मकान बेचने का सौदा 63 लाख में किया था। बदले में वो एक साल में 26 लाख 50 हजार रुपए अर्चना तिवारी को दे चुका है। 2024 में अर्चना के पति राजकुमार का देहांत हो गया। इसके बाद अर्चना मकान की रजिस्ट्री विशाल के नाम कराने में आनाकानी करती रही। इसी बीच उसने मकान दूसरे को बेचने का भी प्रयास किया। विशाल की शिकायत पर माधवनगर पुलिस ने अर्चना व उसके साथी मनीष पिता छोटेलाल तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण कायम किया है।

मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदला, खाते से 56 हजार निकाले

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उज्जैन। मदद के नाम पर एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदल कर रुपए निकालने का मामला सामने आया है। राजस्व कॉलोनी (फ्रीगंज) निवासी 56 वर्षीय अशोक शर्मा (पीएचई कर्मचारी) के साथ मालीपुरा स्थित एसबीआई एटीएम पर ठगी हुई। अशोक शर्मा 17 अप्रैल की शाम को रुपये निकालने पहुंचे थे, लेकिन मशीन से कैश नहीं निकल रहा था। पीछे खड़े एक अज्ञात युवक ने मदद की पेशकश की और कहा कि आप शायद नंबर सही नहीं डाल रहे हैं। उसने अशोक जी का एटीएम कार्ड लिया और बातों-बातों में पिन नंबर पूछ लिया। युवक ने बड़ी चालाकी से कार्ड बदल दिया और कहा कि मशीन खराब है। अशोक जी के जाने के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर 56 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। देवासगेट पुलिस ने 23 दिनों की प्राथमिक जांच के बाद अब मामला दर्ज किया है।

बिना ओटीपी और पिन बताए किसान के खाते से निकाले 1.30 लाख रुपए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंगोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिजावता में एक युवक के बैंक खातों से साइबर ठगों ने बिना किसी ओटीपी या पिन नंबर के 1.30 लाख रुपये उड़ा दिए।

पुलिस के अनुसार, ग्राम सिजावता निवासी बंटी पिता नाथूलाल खटीक के साथ यह धोखाधड़ी 14 अप्रैल को हुई। बंटी के मोबाइल पर अचानक मैसेज आया कि उसके बैंक ऑफ इंडिया और एक अन्य बैंक खाते से कुल 1.30 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। पीडि़त का दावा है कि उसने न तो किसी को अपना पिन नंबर बताया और न ही कोई ओटीपी शेयर किया, इसके बावजूद खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई।धोखाधड़ी का पता चलते ही पीडि़त ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

उसे उम्मीद थी कि ट्रांजैक्शन ब्लॉक हो जाएगा और राशि वापस मिल जाएगी, लेकिन एक महीने बाद भी जब पैसे वापस नहीं आए, तो पीडि़त ने इंगोरिया थाने की शरण ली।इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया कि पीडि़त की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक से ट्रांजैक्शन की डिटेल निकलवा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि राशि किस खाते में और कहाँ ट्रांसफर की गई है।

 

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