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स्वामी इंद्रदेव सरस्वती ने बताए सफल जीवन के सूत्र

उज्जैन। अपने घर का क्लेश, अपनी कमजोर बात किसी मित्र को भी नहीं बतानी चाहिये। हमदर्दी पाने के लिए तो बिल्कुल नहीं बतानी चाहिये। हमारी बदकिस्मती है जैसे ही बैठते हैं एक दूसरे के साथ तो सबसे पहले घर के पोटले खोलते हैं और फिर 6 महीने बाद जब वो बात पूरे शहर में फैलती है तो चिड़चिड़ाते हैं, दुख मनाते हैं लोग हमारे बारे में ऐसा कह रहे हैं, अरे जो तुमने बताया वहीं तो लोग बोल रहे हैं।

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उक्त बात नृसिंह घाट स्थित श्री झालरिया मठ में चल रही शिव महापुराण कथा में महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती ने सफल जीवन के सूत्र बताते हुए कही। दूसरा सूत्र बताते हुए कहा कि जीवन में तुम्हारा क्या लक्ष्य है वह कभी किसी को मत बताओ। तीसरा सूत्र मौसम की तरह जो दिनभर बदलता हो उसे कभी मित्र नहीं बनाना चाहिये। चौथा सूत्र एक बार जो नजर से गया उसे दोबारा नजर में मत बैठाओ।

पांचवा सूत्र बताते हुए कहा एक बार किसी ने कुछ मांगा और तुमने दिया तो उसे वापस मांगने की इच्छा कभी मत रखना। महेन्द्र कक्कड़, ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि 12 अगस्त तक चलने वाली कथा में श्रावण मास में ज्योतिर्लिंगों की कथा महाराजश्री द्वारा सुनाई जा रही है।

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