अप्रैल से कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में लगेंगी क्लासेस

फर्नीचर के लिए टेंडर निकाला, छोटा-मोटा काम भी चल रहा
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उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कृषि अध्ययनशाला के विद्यार्थियों की क्लासेस अप्रैल से अपनी नई बिल्डिंग में लगेंगी। 17 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस बिल्डिंग में अभी बाथरूम एवं अन्य जगह पर लाइटिंग का छोटा-मोटा काम चल रहा है। इसके अलावा बाहर की ओर पेवर ब्लॉक का काम भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी माह में यह काम पूरा हो जाएगा जिसके बाद अगले माह (अप्रैल) से नई बिल्डिंग में क्लासेस लगना शुरू हो जाएंगी। विवि ने नई बिल्डिंग में फर्नीचर के लिए टेंडर भी निकाल दिया है।
दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2020-21 से एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की शुरुआत हुई थी। वर्तमान में कृषि अध्ययनशाला में करीब 1100 से ज्यादा स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं। मप्र के किसी भी विश्वविद्यालय के कृषि डिपार्टमेंट में इतने विद्यार्थी नहीं हैं। यहां बीएससी कृषि के साथ 6 अन्य विषयों में एमएससी की कक्षाएं चल रही हैं। करीब 3 साल से बिल्डिंग का काम चलने से लंबे समय से एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट का ऑफिस सांख्यिकी अध्ययनशाला में संचालित हो रहा है, जबकि कक्षाएं फिजिक्स डिपार्टमेंट में लग रही हैं। जल्द ही इन्हें अपनी बिल्डिंग मिल जाएगी। आपको बता दें कि इसका लोकार्पण 17 मार्च को दीक्षांत समारोह में उज्जैन आए कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था।
17 बीघा की प्रायोगिक फील्ड
इस नई बिल्डिंग में 24 क्लास रूम, 8 लैब के अलावा सुसज्जित ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंंस हॉल बनाया है। भविष्य में यहां किसानों को ट्रेनिंग देने की बात भी कही जा रही है। सबसे ज्यादा राशि कृषि लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने में खर्च की गई है। इसी के तहत 17 बीघा की प्रायोगिक फील्ड तैयार की गई है जिस पर विद्यार्थी वर्तमान में प्रैक्टिकल भी कर रहे हैं।
वर्ष 2023 में शुरू हुआ था काम
कृषि अध्ययनशाला की बिल्डिंग का काम वर्ष 2023 में माहेश्वरी वाटर प्रूफिंग कंपनी ने शुरू किया था। लेटलतीफी का आलम यह रहा कि करीब तीन सालों तक इसका काम चलता रहा। वर्तमान में भी कुछ जगह लाइट कनेक्शन का चल रहा है। इसके अलावा बाहर की ओर पेवर ब्लॉक भी लगाए जा रहे हैं।
इनका कहना
बिल्डिंग का काम पूरा हो चुका है लेकिन छोटा-मोटा कुछ काम शेष है, जो भी जल्द पूरा हो जाएगा। जल्द ही इसमें फर्नीचर शिफ्ट किया जाएगा। यांत्रिका विभाग इसकी एनओसी जारी कर हमें हैंडओवर करेगा। इसके बाद अप्रैल से यहां क्लासेस लगना शुरू हो जाएंगी।
– राजेश टेलर, एचओडी, कृषि अध्ययनशाला, विक्रम विवि
बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है, दरवाजे-खिड़कियां लग चुके हैं, बिजली-पानी का काम हो गया है, अब बाहर खेतों की ओर कुछ काम चल रहा है जो भी एक सप्ताह के अंदर पूरा हो जाएगा। अभी वहां फर्नीचर नहीं हैं जिसके लिए टेंडर निकाला है। अप्रैल से नई बिल्डिंग में कक्षाएं लगना शुरू हो जाएंगी।
डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, सम्राट विक्रमादित्य विवि









