अमेरिकी मामला शांत पड़ते ही अडानी ग्रुप शेयरों में जोरदार उछाल

आज शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के सभी शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और कारोबार के दौरान ये 3.5 फीसदी तक चढ़ गए। दरअसल इस उछाल की बड़ी वजह यह रही कि अमेरिका के न्याय विभाग ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर लगे सभी आपराधिक आरोप हटा लिए हैं। इसके साथ ही न्यूयॉर्क में चल रहा पूरा मामला बंद हो गया है। इसके अलावा अडानी ग्रुप दीवानी मामले को आपसी सहमति से सुलझाने पर भी राजी हो गया है।
अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन, अडानी पावर, अडानी पोर्ट्स, अडानी एनर्जी और अडानी टोटल गैस सभी के शेयरों में 3.5 फीसदी तक की बढ़त दर्ज हुई। ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर कल बीएसई पर 2,690.30 रुपये पर बंद हुआ था और आज बाजार खुलते ही यह 2,749.95 रुपये पर आ गया। कारोबार के दौरान यह और ऊपर जाकर 2,774.50 रुपये तक पहुंच गया। इस शेयर का पिछले 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर 2,800 रुपये रहा है। उसी तरह अडानी ग्रीन का शेयर भी उछलकर 1,442.70 रुपये पर पहुंच गया जबकि इसका 52 हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर 1,472.30 रुपये है।
किस शेयर में कितनी बढ़त आई?
देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनी अडानी पावर का शेयर आज 224.70 रुपये तक पहुंच गया। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन का शेयर भी 1,805 रुपये तक चढ़ा। अडानी ग्रीन एनर्जी कल 1,328.20 रुपये पर बंद हुई थी और आज बाजार खुलते ही 1,357.50 रुपये पर आ गई, कारोबार के दौरान यह 1,361.90 रुपये तक गई। अडानी टोटल गैस ने भी अच्छी छलांग लगाई और 635.80 रुपये तक पहुंचा जबकि कल यह 609.95 रुपये पर बंद हुआ था।
एक नजर में बड़ी खबरें
- अडानी ग्रुप के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली
- अमेरिका में गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ चल रहा केस पूरी तरह बंद हो गया
- इस खबर के बाद ग्रुप के शेयर कारोबार के दौरान 3.5 फीसदी तक उछल गए
- अडानी ग्रुप के कई शेयर अपने 52 हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर के करीब जा पहुंचे
पूरा मामला क्या था?
साल 2024 के आखिर में अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी और न्याय विभाग ने अडानी ग्रुप पर बड़े आरोप लगाए थे। कहा गया था कि ग्रुप ने भारत में सौर ऊर्जा के ठेके पाने के लिए सरकारी अधिकारियों को करीब 26.5 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। इसके साथ ही अमेरिकी निवेशकों और कर्ज देने वालों से पैसा जुटाते वक्त इस पूरी बात को छुपाया गया था। अडानी ग्रुप शुरू से इन सभी आरोपों को गलत बताता रहा था।









