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गोपाल मंदिर में 8 मार्च को मनेगा मालवी रापट रोलिया

देसी टमाटर और मुल्तानी मिट्टी से मनेगी रंगपंचमी

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ, वृंदावन की होली जैसा दिखेगा नजारा, नगर गेर का होगा स्वागत

उज्जैन। रंगपंचमी पर 8 मार्च को कृष्ण के आंगन प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में पारंपरिक मालवी रापट रोलिया का आयोजन होने जा रहा है। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाले इस महोत्सव में शहरवासी मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर होली के उल्लास में सराबोर होंगे।

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कार्यक्रम संयोजक जयंत सिंह गौर ने बताया कि इस वर्ष आयोजन की विधिवत शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामय उपस्थिति में होगी। सुबह 8 बजे से होने वाले शुभारंभ सत्र में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, निगम सभापति कलावती यादव और महापौर मुकेश टटवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा पूजन के पश्चात मुख्य उत्सव का आगाज होगा।

देसी टमाटर और फूलों का होगा उपयोग
इस उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक और पारंपरिक स्वरूप है। जेकी ठाकुर के अनुसार, रंगपंचमी पर इस बार भी देसी टमाटर, मुल्तानी मिट्टी और फूलों के रंगों का विशेष रूप से उपयोग किया जाएगा। दोपहर 2 बजे तक मंदिर प्रांगण में आने वाली सभी गेर का उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाएगा, जिसमें नगर गेर विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इस आयोजन में श्री सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट एवं गोपाल मंदिर प्रशासन का भी विशेष सहयोग मिल रहा है।

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पुनर्जीवित हुई एक दशक पुरानी परंपरा

स्वाभाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि मालवी रापट रोलिया की परंपरा को एक दशक पहले पुन: जीवित करने का प्रयास शुरू किया गया था। बरसों की मेहनत के बाद अब यह आयोजन इतना विशाल रूप ले चुका है कि उज्जैनवासियों को अपने ही शहर में मथुरा-वृंदावन जैसी होली का आनंद मिल रहा है।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं

प्राकृतिक रंग- मुल्तानी मिट्टी और फूलों का उपयोग।

समय- सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक।

विशेष- सीएम करेंगे सहभागिता, नगर गेर का भव्य स्वागत।

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