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बच्चा गलत राह पर तो नहीं? संगति सुधारने के लिए ऐसे करें बात

डांट-डपट नहीं, बल्कि समझदारी और बातचीत से बच्चों को गलत संगत और दबाव से बचाना जरूरी, विशेषज्ञों ने बताए प्रभावी उपाय

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कई बार बच्चे दोस्तों के प्रभाव में आकर गलत राह पकड़ लेते हैं, जिससे पेरेंट्स परेशान हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में सख्ती या कड़ी निगरानी के बजाय बच्चों से खुलकर और प्यार से बात करना अधिक प्रभावी माना जाता है। इससे बच्चा अपनी बात बिना डर के कह पाता है और माता-पिता उसकी सोच को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका बच्चा दोस्तों की संगत में गलत आदतें सीख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों पर नजर रखने के बजाय उन्हें समझाना और सही दिशा देना ज्यादा जरूरी है।

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बच्चे जब बड़े होते हैं तो कई बार साथियों के दबाव में आ जाते हैं और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगते हैं। इससे वे गलत आदतों की ओर भी बढ़ सकते हैं, जैसे नकल करना या दूसरों को परेशान करना।

पीयर प्रेशर क्या होता है
पीयर प्रेशर यानी साथियों का दबाव बच्चों में एक सामान्य प्रक्रिया है। जब बच्चे अपने दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताते हैं, तो वे उन्हीं की तरह सोचने और व्यवहार करने लगते हैं। यह प्रभाव कभी सकारात्मक तो कभी नकारात्मक हो सकता है।

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गलत संगत के नुकसान
अगर बच्चा गलत संगत में पड़ जाता है तो वह धूम्रपान, नशे की आदत या अन्य गलत व्यवहार की ओर बढ़ सकता है। इसका असर उसकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

पीयर प्रेशर के सकारात्मक प्रभाव
हर बार साथियों का दबाव बुरा नहीं होता। अच्छे दोस्तों के प्रभाव से बच्चे पढ़ाई, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

सोशल मीडिया का प्रभाव
आजकल सोशल मीडिया भी बच्चों पर बड़ा प्रभाव डाल रहा है। वहां दिखने वाली लाइफस्टाइल और ट्रेंड्स को देखकर बच्चे उनकी नकल करने लगते हैं, जिससे तुलना की भावना बढ़ती है।

गलत दबाव के संकेत और समाधान
यदि बच्चा अचानक ज्यादा चुप रहने लगे, पढ़ाई में ध्यान कम करे या अपनी बातें छुपाने लगे, तो यह गलत दबाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में माता-पिता को तुरंत ध्यान देना चाहिए और संवाद बढ़ाना चाहिए।

माता-पिता के लिए उपाय

बच्चे के दोस्तों और व्यवहार पर ध्यान दें तथा उससे खुलकर बातचीत करें।

बच्चे को अपने निर्णय खुद लेने की आदत सिखाएं और परिणाम समझाएं।

किसी की नकल करने से पहले सोचने की आदत विकसित कराएं।

गलत स्थिति में मदद लेने की आदत और आत्मविश्वास बढ़ाएं।

माता-पिता यदि बच्चों के साथ विश्वास का रिश्ता बनाते हैं और उन्हें सही-गलत का फर्क समझाते हैं, तो बच्चे गलत संगत और दबाव से आसानी से दूर रह सकते हैं। संवाद और समझदारी ही इस समस्या का सबसे बेहतर समाधान है।

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