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नवजात शिशुओं को नए कपड़े पहनाना है बिल्कुल सुरक्षित

नवजात शिशुओं को नए कपड़े पहनाना बिलकुल सुरक्षित है, बशर्ते वे कॉटन और आरामदायक हों। उन्हें पहनाने से पहले कपड़ों को अच्छी तरह धोकर साफ करना जरूरी है। साथ ही, नवजात की नाजुक त्वचा को देखते हुए, उन्हें सिंथेटिक कपड़े पहनाने से बचना चाहिए।

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अक्सर कहा जाता है कि जन्म के शुरुआती दिनों में नवजात शिशुओं को नए कपड़े नहीं पहनाने चाहिए, क्योंकि इससे शिशु को ‘नजर’ लग सकती है। हालांकि, बतौर डॉक्टर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ‘नजर लगना’ जैसी धारणा का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। वहीं, नए कपड़े पहनाने से बच्चे को किसी प्रकार का नुकसान होता है, ऐसा मेडिकल साइंस में कहीं साबित नहीं हुआ है। इसलिए यह सोच पूरी तरह से मिथ है। वास्तव में, नवजात शिशु की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील होती है। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसके कपड़े साफ, मुलायम, 100 प्रतिशत कॉटन के और आरामदायक हों। फिर चाहे कपड़े नए हों या पुराने।

नवजात शिशुओं को बाजार से खरीदे गए नए कपड़े पहनाए जा सकते हैं, बशर्ते वे मुलायम, हवादार, साफ और आरामदायक हों। माता-पिता इस बात का ध्यान रखें कि कपड़ों का सही चयन शिशु की संवेदनशील त्वचा के लिए बेहद जरूरी है।

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कपड़े पहनाने से पहले धोना है जरूरी
शिशुओं को नए कपड़े पहनाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना चाहिए। इनमें कारखाने में इस्तेमाल किए गए रसायन या रंग हो सकते हैं, और स्टोरेज के दौरान धूल या गंदगी भी रह सकती है। वहीं, धोने से वे कोमल और नाजुक त्वचा के लिए सुरक्षित बन जाते हैं। बस माता-पिता ध्यान रखें कि बेबी के कपड़े हल्के, खुशबू रहित डिटर्जेंट से धोएं और पूरी तरह साफ करें।

कॉटन है बेहतर
शिशुओं की नाजुक त्वचा के लिए कॉटन सबसे बेहतर है। इसके अलावा, मलमल और मुलायम ऑर्गेनिक सूती कपड़े भी सुरक्षित और आरामदायक विकल्प हैं।

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सिंथेटिक कपड़ों से करें परहेज
नवजात शिशु को सिंथेटिक कपड़े, खुरदरी ऊन जो सीधे त्वचा को छूती हो, और टाइट इलास्टिक या भारी सजावट वाले कपड़े नहीं पहनाने चाहिए, क्योंकि ये उनके नाजुक त्वचा के लिए ठीक नहीं हैं।

इस सीजन में पहनाने चाहिए सिर्फ एक एक्सट्रा लेयर
माता-पिता ध्यान रखें कि बच्चे को बड़ों से सिर्फ एक अतिरिक्त लेयर पहनानी चाहिए। भारी और मोटे कपड़ों की बजाय लेयरिंग का इस्तेमाल करें। सुनिश्चित करें कि बच्चा गर्म रहे, लेकिन उसे पसीना न आए।

पेरेंट्स इस बात का रखें ध्यान
पेरेंट्स ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा कपड़े पहनने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे बच्चे को असुविधा हो सकती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। आमतौर पर, गर्मियों में बच्चों को कॉटन की एक मुलायम ड्रेस पहनाना पर्याप्त होता है। हालांकि, अगर घर में पंखा या एसी चल रहा हो, तो जरूरत के अनुसार एक हल्की अतिरिक्त परत भी पहनाई जा सकती है।

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