ना फुटेज-ना स्कैच, पुलिस के लिए पहेली बना ठगी का केस

देवासगेट पुलिस को अब तक नहीं मिला कोई सुराग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवासगेट थाना क्षेत्र में समाजसेवी की पत्नी के साथ हुई ठगी के केस में पुलिस अब तक खाली हाथ है। यह केस पुलिस के लिए पहेली बन गया है क्योंकि कैमरे बंद होने से ना तो कोई सीसीटीवी फुटेज है और ना ही ठगी की शिकार महिला ठगोरों का हुलिया बता पा रही है जिससे स्कैच भी नहीं बन पा रहा है। ऐसे में पुलिस के लिए भी यह केस ब्लाइंड हो गया है।
दरअसल, ठगी की यह घटना 27 मार्च को समाजसेवी गोपाल बागरवाल की पत्नी राजूदेवी के साथ हुई थी। वे रोज परिवार के बच्चों के साथ ओवरब्रिज के पास स्थित महादेव मंदिर में दर्शन करने जाती है। घटना वाले दिन बच्चे घर पर नहीं थे, लिहाजा वह अकेले ही दर्शन करने के लिए निकली थीं। ढांचाभवन तिराहे पर बाइक से आए दो युवको ने उन्हें रोककर पानी मांगा। राजूदेवी ने पानी नहीं होने की बात कहते हुए युवकों को पानी की बोतल खरीदने के लिए 10 रुपए दिए। इसके बाद एक युवक पानी की बोतल लेने चला गया, जबकि दूसरा उनसे बातें करने लगा। उसने राजूदेवी से कहा हमें तंत्र शक्तियों का ज्ञान है। हमें आभास हो रहा है कि आपके बच्चों पर घात है। आपके गहनों पर काल सवार है। इन्हें उतारकर रख दीजिए।
इसी बीच एक और अन्य युवक आ गया। उसने दूसरे से कहा भैया हम भी परेशान हैं, उपाय बताओ। इस तरह बदमाशों ने महज बातचीत से ऐसा माहौल बनाया कि राजू देवी को उन पर विश्वास हो गया। उन्होंने कान के टॉप्स व चेन उतारकर बदमाश को दे दी। उसने रूमाल में इन्हें लपेटा और राजूदेवी से कहा कि आप इसे घर ले जाकर रख दीजिए। इसी बीच एक युवक ने गंगा जल का हवाला देकर बोतल का पानी पिलाया और इसके बाद उन्हें ध्यान नहीं रहा। ठगे गए गहनों की कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपए है। थोड़ी देर बाद जब राजू देवी को होश आया तो युवक रफूचक्कर हो गए थे। जैसे-तैसे घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को इसकी जानकारी दी जिसके बाद देवासगेट थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।
इनका कहना
जिस समय वारदात हुई उस वक्त सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इसके अलावा फरियादिया ठगी करने वालों का हुलिया भी नहीं बता पा रही, ऐसे में केस ब्लाइंड होने से मुश्किल हो रही है।
– अनिला पाराशर
टीआई, थाना देवासगेट









