Advertisement

मध्यप्रदेश:भारी बारिश ने रोकी ट्रेन, 300 से अधिक यात्री फंसे

मध्य प्रदेश बारिश से तरबतर है। भारी बारिश के चलते रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है ऐसे में ग्वालियर-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस सोमवार रात 9:30 बजे से शिवपुरी के पाड़रखेड़ा रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। दरअसल, पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश से इसके आगे के ट्रैक पूरी तरह पानी में डूब गया है। ट्रैक के दोनों तरफ पहाड़ों से झरने बह रहे हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement



यह ट्रेन सोमवार शाम 7:30 बजे ग्वालियर से रवाना हुई थी। इसमें 400 यात्री सवार हैं। ट्रेन के डिब्बों में लाइट नहीं है जिससे यात्री दहशत में हैं। उन्हें खाना-पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। सड़क मार्ग भी बंद हो गया है ऐसे में ट्रेन के यात्रियों को चिंता है कि वे ग्वालियर कैसे पहुंचेंगे।

IRCTC की वेबसाइट पर इस ट्रेन को कैंसल दिखाया जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि अब यहीं से यात्रियों को वापस ग्वालियर भेजा जाएगा। परेशानी यहां भी खत्म नहीं होती है। ग्वालियर से शिवपुरी के बीच मोहना पर पार्वती नदी के रपटे के ऊपर पानी बहने से यात्री सड़क मार्ग से भी ग्वालियर नहीं लौट पा रहे हैं। सुबह ही यहां फंसी एक बस को जिला प्रशासन और पुलिस ने बाहर निकलवाया है।

Advertisement

आपको बता दे, मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर प्रदेश भर के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासन और एजेंसियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। मध्य प्रदेश में बीते 15 दिन से तेज बारिश का दौर जारी है। मूसलाधार बारिश के कारण प्रदेश भर के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। शिवपुरी, भिंड, दतिया, श्योपुर में भारी बारिश के कारण हर तरफ पानी ही पानी है। हर तरफ प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

मध्‍य प्रदेश के उत्तरी इलाके में बारिश की गतिविधियां और बढ़ी हैं। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।शहडोल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, भोपाल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना है।ग्वालियर-चंबल संभागों के साथ नीमच और मंदसौर जिले में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। रीवा, सागर और भोपाल संभाग के साथ आगर और शाजापुर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिजली चमकने और गिरने के साथ 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।

Advertisement

Related Articles